संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत के प्राचीन श्री कपिल मुनि सरोवर तट पर महाराजा अग्रसेन पार्क लोकार्पण से पहले ही विभिन्न स्थानों से निर्माण धंस और टूट गए हैं। पेयजल, रोशनी, बैंच, साफ-सुथरे ट्रैक और शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं। कूड़ा-करकट यहां-तहां फैला है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री घोषणा के तहत करोड़ों रुपये के बजट से बनने वाले पार्क के मुख्य द्वार से अंतिम छोर तक असुविधाओंं का बसेरा है। योगा शिक्षक प्रियंका गौतम, कविता, सीमा, सोनिया, सुषमा, मनीषा और प्रतिदिन सैर को आने वाली महिलाओंं का कहना है कि पार्क मेंं आने वाली महिलाओंं, बड़े-बुजुर्गों और बच्चों को पग-पग पर समस्याओंं से जूझना पड़ रहा है। जबकि दावा किया गया था कि पार्क में बच्चों के खेलने, ओपन जिम और कसरत की सुविधाएं मुहैया रहेंगी।
इस प्रकार की सहूलियत उपलब्ध नहीं है। मुख्य द्वार पर दरवाजा नहीं। जबकि दूसरे गेट के नाम पर कांटेदार झाडिय़ों व लकड़ी के टुकड़े हैं। केवल बैरागी चौपाल की तरफ एक गेट लगा है।
पार्क मेंं जो कार्य अधूरे हैं उनको पूरा करने का प्रारूप तैयार किया गया है। जबकि समुचित रूप से पार्क की देखरेख के लिए अलग से व्यवस्था का प्रावधान रखा गया है। जिस एजेंसी को काम सौंपा गया है उससे जवाब तलबी होगी। -अशोक कुमार, कलायत नगर पालिका अभियंता।