संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। 1987-88 में कलायत नगरपालिका अस्तित्व में आई थी। यह पहला मौका है कि दो वार्डों में मतदाताओं ने मतैक्य बनाते हुए सर्वसम्मति बनाई। नगर के वार्ड नंबर-8 में महीपाल पंवार के खिलाफ किसी ने अपना नामांकन ही नहीं भरा।
इससे पूर्व पिछले चुनाव में सतीश राणा के खिलाफ कोई भी नामांकन न करवा कर वार्ड के लोगों ने आपसी स्नेह व भाईचारे का परिचय दिया था। वार्ड-8 के पूर्व पार्षद सतीश धीमान, ऋषिपाल, रवींद्र आदी ने कहा कि इस तरह की स्वस्थ परंपरा का अनुपालन सभी वार्डों को करना चाहिए।
इससे आपसी भाईचारा बढ़ता है और चुनाव पर अनावश्यक रूप से होने वाला खर्च बढ़ जाता है। इसी तरह से वार्ड नंबर-16 में निशा सैनी ने नीलम यादव के पक्ष में अपना नामांकन वापस लेकर एक स्वस्थ परंपरा की शुरूआत की। निशा का कहना था कि वार्ड के लोगों ने उनके परिवार के साथ बैठक करकेे अपील की थी कि वे नीलम यादव के पक्ष में अपना नामांकन वापस लेकर नव गठित वार्ड में नई परंपरा शुरू करें। उनके परिवार ने वार्ड के लोगों की इच्छा का मान रखा व उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया।
नवगठित वार्ड-16 बीसी-बी के लिए आरक्षित है। इस वार्ड में बीसी-बी श्रेणी का एक भी वोट नहीं है। और तो और कोई किराये पर भी नहीं रहता। इसी लिए अन्य वार्डों के प्रतिनिधियों ने इस वार्ड में रुचि दिखाते हुए नामांकन किया था। इस पर अंतिम दिन सर्वसम्मति बन गई। अब 14 बूथों पर पार्षद व 16 बूथों पर प्रधान का चुनाव होगा।