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Kaithal: पट्टी अफगान खेल स्टेडियम की हालत खस्ता, पिछले 12 साल ने किसी ने ली सुध; चारदीवारी होने लगी खराब

Thu, 05 Dec 2024 05:03 PM IST
नवीन दलाल राजिंद्र तंवर, कैथल (हरियाणा)

सार

खेल मैदान में कई कई फीट लंबी कांग्रेस घास, स्टेज के चारों तरफ गंदगी और घास, बदहाल शौचालय, टूटा खेल का सामान, भवन की उखड़ी परतें, दर्शक दीर्घा में सीढ़ियों पर उगा पीपल का पेड़ ही स्टेडियम की पहचान है।
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गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कैथल के गांव पट्टी अफगान में स्थित गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम की हालत खस्ता हो चुकी है। इस स्टेडियम की पिछले 12 साल ने किसी ने भी सुध नहीं ली है। अब इस खेल स्टेडियम की चार दीवारी भी खराब होने लगी है। बता दें कि वर्ष 2008 में कांग्रेस की सरकार ने स्टेडियम का निर्माण करवाया था। बता दें कि खेल के क्षेत्र में जिले की देश-विदेश में अलग पहचान है। जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब पदक जीते है।

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ओलंपिक तक जिले के खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है। अच्छे कोच और मैदान के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के खिलाडिय़ों को जिले व आसपास के कस्बे में अभ्यास करने जाना पड़ता है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में राजीव गांधी खेल स्टेडियम बनाए गए हैं उनमें खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही। स्टेडियम में जो मैदान है, वहां पर घास फूस उगा हुआ है। स्टेडियम में पीने के पानी तक वस्था नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी कैसे अभ्यास कर सकते हैं। यही नहीं, इस स्टेडियम में रखे गए चौकीदार को सफाई करने के लिए सामान तक नहीं है। 

इस समय स्टेडियम में घास-फूस उग गया है और मैदान का भवन जर्जर हो गया है। स्टेडियम को बने लगभग 10 वर्ष पूरे हो गए हैं। जब स्टेडियम बनाया गया था तो जिला खेल कार्यालय भी वहीं पर स्थित था, लेकिन पांच वर्ष पहले विभाग ने अपना कार्यालय भी इंडोर खेल स्टेडियम कैथल में ही बना लिया है। विभाग ने श्री गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम का पांच वर्ष पहले साथ छोड़ दिया था।
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जिसके बाद स्टेडियम में सही तरीके से देखभाल नहीं हुई और स्टेडियम की जर्जर हालात हो गई। विभाग ने कार्यालय बदलने से अधिकारियों और कोच को तो सुविधा हुई, लेकिन 20 एकड़ में करोड़ों खर्च कर बनाया गया स्टेडियम पहले से भी बदतर हालत में पहुंच गया है। जिला स्तरीय स्टेडियम के गेट के बाहर इतनी घास और गंदगी जमा है, जहां से प्रवेश भी संभव नहीं है। इस स्टेडियम की स्थिति सुधारने के लिए खिलाड़ियों ने कुछ दिन पहले ही सांसद नवीन जिंदल को भी ज्ञापन सौंपा था। इसमें उन्होंने इस स्टेडियम को मॉडर्न बनाने की मांग की थी।
 
ये है स्टेडियम की नई पहचान 
खेल मैदान में कई कई फीट लंबी कांग्रेस घास, स्टेज के चारों तरफ गंदगी और घास, बदहाल शौचालय, टूटा खेल का सामान, भवन की उखड़ी परतें, दर्शक दीर्घा में सीढ़ियों पर उगा पीपल का पेड़ ही स्टेडियम की पहचान है। खिलाड़ियों का कहना कि स्टेडियम गलत जगह पर बना है। शहर से बहुत दूर है। खिलाड़ियों का आना-जाना तो दूर कोच और अधिकारी भी वहां आने जाने में हिचकते हैं। स्टेडियम की बदहाली को दूर करने के कितने ही प्रयास हुए, लेकिन सभी असफल रहे। कितनी बार शहर के नजदीक स्टेडियम बनाने की मांग की गई, ताकि खिलाड़ियों को फायदा मिल सके।

करोड़ों रुपये की लागत से बने स्टेडियम में हो सुधार
गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम शहर से दूर है। इसलिए वहां पहुंचने के लिए युवाओं को भी परेशानी थी, लेकिन करोड़ों की लागत से खेल स्टेडियम बनाया गया है। इसलिए इसके भी हालात में सुधार किया जाए। - बलदेव, खिलाड़ी।

मैदान में जहरीले कीड़े होने का है अंदेशा
यह खेल स्टेडियम बनने के बाद भी खिलाड़ी इसका कोई लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। पूरे मैदान में घास उगी हुई है। इसमें जहरीले कीड़े होने का अंदेशा बना हुआ है। वह सुबह चार बजे दौड़ लगाने आते हैं। उस समय बहुत अंधेरा होता है। उन्हें फोन की टार्च  जलाकर दौडऩा पड़ता है। उन्होंने स्टेडियम में लाइट की व्यवस्था का प्रबंध करने की मांग की है। अफसरों को हमारी परेशानी को समझना चाहिए। - मुकेश, खिलाड़ी।

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