गुहला-चीका। खराब सड़कों के विरोध में मंगलवार को गुहला के क्षेत्रवासी लोटा लेकर सड़कों पर उतरे। साथ ही चुल्लू भर पानी में डूब मरने की कहावत को सही करार देते हुए अधिकारियों को आइना दिखाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि सरकार और उसके नुमाइंदे लोगों की रोजमर्रा से जुड़ी समस्याओं को भी हल नहीं कर सकते तो उन्हें चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।
पूर्व घोषणा के मुताबिक सड़क सुरक्षा मंच के सदस्य ताऊ देवी लाल पार्क में एकत्रित हुए। इस दौरान हाथों में बैनर लेकर उन्होंने जहां खराब सड़कों के विरोध में आवाज बुलंद की, वहीं हाथों में लोटे और मटके लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने टूटी हुई सड़कों के कारण जानमाल के नुकसान संबंधित मामलों में अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई। साथ ही जनता करती है पुकार, अच्छी सड़कें दे सरकार तथा शर्म करो-शर्म करो, शर्म नहीं तो डूब मरो के नारे लगाए।
मालूम हो कि गुहला विधानसभा क्षेत्र की सड़कें लंबे समय से टूटी हुई हैं। हालत इस कदर खराब हो चुकी है कि गौर से देखने पर केवल गड्ढे ही दिखाई देते हैं। यही कारण है कि समस्या समाधान के लिए लोगों ने सड़क सुरक्षा मंच के नाम से एक संगठन का गठन कर लिया, जिसके बैनर तले लोगों ने पहले एसडीएम को शिकायत दी। इसके बाद डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद अब लोटा लेकर प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान लोगों का हुजूम पार्क से चल कर शहर की विभिन्न सड़कों से होते हुए शहीद उधम सिंह चौक पर पहुंचा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के कारण बनी जाम की स्थिति से राहगीरों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़क सुरक्षा मंच के संयोजक अवतार ने कहा कि यदि जल्द सड़कों को दुरुस्त नहीं किया गया तो 30 मई के बाद एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी और आगामी रणनीति तय की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में रमेश जैन, सागर भारद्वाज, जगजीत सिंह, डाक्टर सुरेंद्र बंसल, सुभाष पाधा, डाक्टर बीएस संधू, सोनू कंबोज, रमेश कुमार, गुरदीप चाबा, डाक्टर ओमता राम, गुरजीत इंसा सहित काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
जब ज्ञापन लेने आए तहसीलदार को दिया मटका ...
प्रदर्शन की पूर्व सूचना के बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ आशीष चौहान मौके पर नहीं मिले। इससे भड़के लोगों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद ज्ञापन लेने पहुंचे तहसीलदार प्रदीप कुमार ने लोगों को आश्वासन दिया कि कुछ सड़कों की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। जल्द ही बाकी सड़कों को भी दुरुस्त कराया जाएगा।
ज्ञापन लेते समय स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन के साथ पानी से भरा एक सांकेतिक मटका देने का प्रयास किया। इस पर तहसीलदार ने नाराजगी जताई। इसके बाद लोगों ने एसडीओ कार्यालय के बाहर मटका फोड़कर रोष जताया।