06-कैथल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में अपनी समस्या रखते हुए फरियादी।
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कैथल। मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल पर चार सालों से लंबित शिकायतों का मंत्री परिवहन शर्मा के दरबार में निपटारा किया। लोगों की समस्याओं के निवारण के लिए सीएम विंडो पोर्टल शुरू किया है। इसमें सालों से लंबित चली आ रही शिकायतों को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में रखा। कुल 28 शिकायतों में से वर्ष 2019 से 2021 तक की लंबित सीएम विंडो की शिकायतों को 15 शिकायतें रखकर निपटाई गईं।
मुख्यमंत्री शिकायत निवारण पटल की शुरुआत भाजपा सरकार आने के बाद वर्ष 2015 में की गई थी। इन पर आमजन समाधान के लिए शिकायतें दर्ज कराते हैं लेकिन वर्ष 2019 से कई शिकायतें लंबित चल रही हैं। अब सरकार के आदेशानुसार तय किया गया है कि इन्हें जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में निपटाया जाएगा। इसी के तहत बुधवार को कैथल लघु सचिवालय में हुई जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक मेें इन 15 शिकायतों को रखा गया। इनमें दो शिकायतें वर्ष 2019 से जुड़ी हुई थीं तो आठ श्किायतें 2020 से लंबित रहीं। पांच शिकायतें वर्ष 2021 से लंबित थी। इनमें अधिकतर जमीन संबंधी मामले हैं। सालों से अवैध कब्जों को हटवाने के लिए लोग कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनका समाधान नहीं हो रहा था। अब जिला कष्ट निवारण समितियों की बैठक में इन मामलों को रखकर जल्द निपटाया जाएगा।
अधिकारियों से मंत्री ने जताई नाराजगी
जब परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा के सामने सीएम विंडो से जुड़ी जमीन संबंधी शिकायतें लगातार आने लगीं तो अधिकारियों से उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि आप क्यों नहीं सीएम विंडो की शिकायतों का निपटारा करते? क्यों ये शिकायतें सीएम विंडो पर लंबित हैं। परिवहन मंत्री ने राजौंद के नगर पालिका सचिव को लंबित शिकायतों पर जमकर फटकारा। साथ ही निर्देश जारी कर दिए कि सीएम विंडो संबंधी शिकायतें सालों तक लंबित नहीं होनी चाहिए।