फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

134ए के तहत नहीं मिल रहा बच्चों को दाखिला

Tue, 29 Apr 2014 01:19 AM IST
अमर उजाला कैथ्ाल
विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। हम आपके बच्चे को दाखिला तो दे देंगे, लेकिन वह अन्य बच्चों से अलग बैठेगा, उसे कक्षा से बाहर बैठना होगा, हम उसे पढ़ाने की जिम्मेवारी हमारी नहीं होगी। हम बच्चे को तभी दाखिला देंगे, जब वह स्कूल द्वारा लिए जाने वाले टैस्ट को पास कर लेगा। पहले बच्चे द्वारा नर्सरी पास किए जाने का  प्रमाण पत्र लेकर आइए, तभी बच्चे को दाखिला दिया जाएगा।  कुछ ऐसे ही सवालों, जुमलाें का सामना करना पड़ रहा है 134ए के तहत अपने बच्चों को दाखिला दिलवाने की आस लगाए अभिभावकों को। निजी स्कूल संचालक न्यायालय, सरकार के आदेश मानने को तैयार नहीं है। सरकार ने बच्चों के आवेदन के बाद ड्रा निकाल कर निजी स्कूलों के लिए फरमान तो जारी कर दिया, लेकिन जो स्कूल इस फरमान को नहीं मान रहा, उसके संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे परेशान अभिभावक सोमवार को फिर से डीसी दरबार पहुंचे। इस पर डीसी ने कुछ स्कूलों को फोन कर फटकार लगा दी। 30 अप्रैल के बाद दाखिले नहीं हो पाएंगे। इससे वे अध्यापक सबसे अधिक परेशान हैं जो डीसी से मिलने नहीं जा सके हैं।
विज्ञापन

डीसी दरबार में पहुंचे अभिभावकों प्रवीन कुमार, बलराज, प्रवीन, गौरव कश्यप, ईश्वर, चरण सिंह, रविन्द्र कुमार, जितेन्द्र पाल, सत्यवान, अमर सिंह, संदीप कुमार, मुकेश सैनी ने बताया कि निजी स्कूल संचालक बच्चों के दाखिला नहीं ले रहे है और उनसे दुर्व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक निजी स्कूल संचालक ने कहा कि बच्चे का दाखिला तो वो ले लेंगे, लेकिन बच्चे को पढ़ाने की जिम्मेवारी उनकी नहीं होगी। उस बच्चे का कक्षा से बाहर अलग से बैठाया जाएगा। इसी प्रकार से एक अन्य स्कूल संचालक का कहना था कि वे टैस्ट लेंगे और इसे पास करने वाले बच्चे को ही दाखिला मिलेगा। जबकि एक अन्य स्कूल संचालक ने कहा कि नर्सरी पास करने का प्रमाणपत्र लेकर आइए, तभी बच्चे को दाखिला दिया जाएगा। एक स्कूल संचालक ने बात करने से ही इंकार कर दिया। अब अभिभावक जाएं तो कहां जाएं।
डीसी को दी शिकायत
निजी स्कूलों संचालकों की फटकार खाने के बाद अभिभावकों ने डीसी के दरबार पहुंचकर बच्चों के दाखिले के लिए फरियाद की। अभिभावकों ने उपायुक्त को निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों को दाखिले के समय किए जाने वाली बदसलूकी के बारे में बताया। उपायुक्त ने अभिभावकों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को 134ए के तहत विद्यार्थियों के दाखिले को गंभीरता से लेने के आदेश जारी किए। इस पर जिला शिक्षा विभाग द्वारा अभिभावकों समस्याओं को निपटाते हुए जिन स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले के लिए समस्या आ रही है उन स्कूलों को व्यक्तिगत तौर पर फोन करके बच्चों के दाखिले लेने के आदेश जारी किए।
विज्ञापन

खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि काफी स्कूलों ने स्टाफ व अन्य के बच्चों का दाखिला विभाग की साइट पर दिखाया है। इस समय उनके पास ऐसा कोई रिकार्ड नहीं है जिससे पता लग सके कि किस बच्चे का दाखिला किस आधार पर किया गया है।
निजी स्कूलों से आरटीआई के तहत मांगी जाएगी सूचना
दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के जिला प्रभारी रामदिया चावरियां ने बताया कि निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार सीटें काफी कम दिखाई है। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 5 हजार से अधिक है। वह स्कूल 134ए के तहत केवल 14 सीटें ही दिखा रहे है। उन्होंने बताया जिले के उन बड़े स्कूलों से आरटीआई के तहत सूचना मांगी जाएगी।
अभिभावकों की समस्या का किया निपटारा
खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र मोर ने बताया कि जिन स्कूलों की शिकायत उनके पास आई है। उन स्कूलों को व्यक्तिगत तौर पर फोन करके दाखिला देने के आदेश जारी किए है। जिस पर सभी स्कूल सहमत है अगर कोई स्कूल संचालक विद्यार्थियों के दाखिले नहीं करता है तो अभिभावक उनके पास शिकायत दे।
दाखिला लेने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल
 उप जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि विद्यार्थी 30 अप्रैल तक दाखिल ले सकते है। अगर कोई विद्यार्थी दाखिला लेने से चूकता है तो वह विद्यार्थी अपने पुराने पासवर्ड का प्रयोग करते हुए दोबारा से विभिन्न स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन कर सकता है। ताकि खाली रहने वाली सीटों पर दाखिला हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें