संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। उपायुक्त डीसी प्रीति के आदेशानुसार जिले की नौ ग्राम पंचायतों में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं में सर्वसम्मति से बाल विवाह निषेध अधिनियम का पालन करने और बाल विवाह करने वाले परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
ग्राम सभा में तय किया गया कि यदि भविष्य में कोई भी परिवार बाल विवाह का दोषी पाया गया तो उसका सामूहिक विरोध और बहिष्कार किया जाएगा।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी रितु लाठर ने बताया कि सभाओं में ग्रामीणों को बाल विवाह से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र का लड़का नाबालिग माना जाता है। बाल विवाह करवाने या उसमें सहयोग करने पर दो साल की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की शादी तय उम्र से पहले न करें, बल्कि उन्हें शिक्षा और हुनर से सशक्त बनाएं। साथ ही लोगों से आग्रह किया कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो प्रशासन को सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।