मामले की जांच के आदेश, 15 दिन के भीतर मांगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में हुए मनरेगा घोटाले मामले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने मामले में अनियमिताएं बरतने वाले सरस्वती हेरिटेज के चार जेई व सीवन की तत्कालीन एबीपीओ को तुरंत प्रभाव से कार्यभार मुक्त कर दिया है। साथ ही सभी आरोपियों को अपने मुख्यालय में रिपोर्ट करने के लिए भी कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव के माध्यम से इस मामले की एक्शन टेकन रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए हैं। सरस्वती हेरिटेज डिवीजन नंबर तीन के एक्सईएन दिग्विजय शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सभी को कैथल से रिलीव कर दिया गया है।
उन्होंने बीडीपीओ को इस मामले में जांच के लिए लिखा था। जांच के बाद जेई सोनू, शैलेंद्र कुमार, शुभम धीमान व मनीष कुमार के काम में खामियां मिली थी। मजदूरों की हाजिरी लगाने में बरती लापरवाही में इनकी संलिप्ता पाई गई थी। इसके बाद उन्होंने नोटिस देकर इन सभी चार जेई को सोमवार तक जवाब देने के लिए कहा था। वे जवाब दे पाते उससे पहले ही मुख्यमंत्री ने सभी को कार्यभार मुक्त कर दिया है। सरकार से प्राप्त आदेश के बाद सभी का मुख्यालय चंडीगढ़ निर्धारित किया गया है। सरकार इस पूरे मामले की अपने स्तर पर भी जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने तक सभी जूनियर इंजीनियर हेड ऑफिस से अटैच रहेंगे।
गौरतलब है कि जिला स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की गत सात जनवरी को हुई बैठक में सांसद नवीन जिंदल के सामने गुहला के विधायक देवेंद्र हंस ने मनरेगा में हुए घोटाले का मुद्दा उठाया था। इसके बाद सांसद ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसके अगले दिन सीवन की बीडीपीओ नेहा शर्मा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बताया था कि कक्हेड़ी के मनरेगा मेट रणधीर सिंह, अनुज व सतपाल को निलंबित कर दिया गया।
सिंचाई विभाग के सरस्वती हेरिटेज डिवीजन नंबर तीन के जेई सोनू, शैलेंद्र कुमार, शुभम व मनीष कुमार के काम में खामियां पाई गई थी। इसी मामले में राजौंद मनरेगा की एडबीपीओ प्रियंका को भी कार्य मुक्त किया गया है। वे पहले सीवन में तैनात थीं। अब आरोपी जेई व एबीपीओ को मुख्यमंत्री ने कार्यभार मुक्त करने के आदेश दिए हैं।
मनरेगा में लगी थी विदेश में बैठे लोगों की हाजिरी
शिकायत के अनुसार, सीवन ब्लॉक के गांव ककराला अनायत में मनरेगा योजना के तहत विदेश में रह रहे 40 लोगों के फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए थे और उनकी हाजिरी लगाकर मजदूरी के लाखों रुपए हड़प लिए गए। गांव के ही अमरीक सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव के करीब 22 लोग, जो जर्मनी, इटली, फ्रांस, मलेशिया और पुर्तगाल जैसे देशों में रहते हैं, उनके नाम पर जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। इन्हें मनरेगा मजदूर दिखाकर उनके खातों में रुपये भेजे गए। उनके खातों में भेजी गई लाखों रुपये की रकम में से इनको खाते द्वारा हजार दो हजार रुपये दिए जाते थे। बाकी रुपये मेट व अधिकारियों के बीच बांट लिए जाते थे। उनके गांव में वास्तव में काम करने वाले मजदूरों की संख्या लगभग 40 है, लेकिन 328 लोगों के नाम पर जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इसी मामले की जांच करते हुए मेट व जेई के विरुद्ध एक्शन लिया गया था।
पहले पुलिस ने आरोपियों को बताया निर्दोष
- अब मंत्री के फटकार के बाद चोरी का सामान किया बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला कष्ट निवारण समिति की पिछले महीने की बैठक में परिवहन मंत्री अनिल विज की फटकार लगाने का असर शुक्रवार को हुई अगली बैठक में देखने को मिला। दरअसल, इस बैठक में राजौंद क्षेत्र में चोरी की एक घटना में पहले पुलिस ने आरोपियों को निर्दोष साबित कर दिया था लेकिन पिछली बैठक में मिली मंत्री के फटकार के बाद अब आरोपी सहित चोरी का सामान भी बरामद किया।
गौरतलब है कि राजौंद के रोहेड़ा गांव निवासी भीम सिंह ने शिकायत की थी कि उसके घर से 12 अगस्त 2024 को गहने व नकदी चोरी हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में एसआईटी गठित करते हुए दो आरोपियों की गिरफ्तार कर लिया। इस पर शिकायतकर्ता ने पुलिस का धन्यवाद किया। इस मामले का निपटान हो गया। जबकि पिछली बैठक में पुलिस अधिकारियों ने चोरी की वारदात के समय आरोपियों के मौके पर न मिलने के साक्ष्य मिलने की बात कही थी।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ