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स्वास्थ्य विभाग में डिप्टी सीएमओ रही डा. नीलम कक्कड़ व उनके पति बीबी कक्कड़ सहित दो पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज

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स्वास्थ्य विभाग में डिप्टी सीएमओ रहीं डा. नीलम कक्कड़, उनके पति डा. बीबी कक्कड़ के खिलाफ 18 साल पहले जजों के फर्जी हस्ताक्षर कर टीए व डीए हासिल करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही शिकायत मिलने के बावजूद इस संदर्भ में कार्रवाई न करने पर तत्कालीन एसएचओ देवेंद्र सिंह व सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह मामले न्यायालय के आदेश पर दर्ज किए गए हैं।
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आरटीआई कार्यकर्ता जयपाल रसूलपुर ने कोर्ट में दी शिकायत में कहा था कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डॉ. नीलम कक्कड़ व उसके पति डॉ. भारत भूषण कक्कड़ जिला अस्पताल में कार्यरत थे। विभाग द्वारा उन्हें मेडिकल ऑफिसर बनाया गया। आरोप है कि वर्ष 2003 में इस डॉक्टर दंपती द्वारा सेवा के दौरान फर्जी हाजिरी प्रमाण पत्र तैयार किया। तत्कालीन जजों के फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग से टीए व महंगाई भत्ते का क्लेम किया गया।
उसने आरटीआई से सारी सूचना लेकर सबसे पहले एसपी कैथल व आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज देवेंद्र सिंह को शिकायत के साथ दी। जहां कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद फिर इसकी शिकायत सीएम विंडो व सत्र न्यायाधीश को दी गई। इसके बाद सत्र न्यायाधीश ने उस शिकायत को स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को भेजा। स्वास्थ्य महानिदेशक ने इस मामले में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस पर स्वास्थ्य महानिदेशक को शिकायत भेजते हुए आरोपी को चार्जशीट करने व एडीए से सलाह लेकर आगामी कार्रवाई के लिए लिखा।
मगर इसके बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने स्थानीय न्यायालय में केस दायर करने को कहा। इसके बाद उन्होंने कैथल में न्यायालय में याचिका दायर की। इस पर न्यायालय ने पुलिस को दोनों डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद अब पुलिस ने थाना सिविल लाइन में डा. नीलम कक्कड़, डा. बीबी कक्कड़ के खिलाफ जजों के फर्जी हस्ताक्षर के कागजात तैयार कर टीए डीए लेने के आरोप में केस दर्ज किया। वहीं इसी मामले में कार्रवाई न करने पर तत्कालीन आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी देवेंद्र सिंह व इसी शाखा में कार्यरत मामले के जांच अधिकारी महेंद्र सिंह के खिलाफ उपरोक्त शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई न करने क आरोप में केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि चिकित्सक दंपत्ति के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया ही है। साथ ही संभवत: यह हरियाणा का पहला मामला है, जब किसी पुलिस कर्मचारी के खिलाफ सही ढंग से जांच न करने पर धारा 166 ए के तहत मामला दर्ज किया गया हो।
उधर, इस समय डा. नीलम कक्कड़ स्वास्थ्य विभाग से बतौर डिप्टी सीएमओ दो माह पहले सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। जबकि डा. बीबी कक्कड़ भी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। दोनों इस समय जिला स्वास्थ्य विभाग में कांट्रेक्ट आधार पर बतौर सलाहकार काम कर रहे हैं। इसी प्रकार से तत्कालीन एसएचओ देवेंद्र कुमार इस समय सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि आरोपी सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह अभी भी आर्थिक अपराध शाखा में ही कार्यरत हैं।
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