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Kaithal News: कलायत पहुंचा नहरी पानी, पेयजल संकट से राहत

Sat, 25 May 2024 05:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। भीषण गर्मी में पिछले एक सप्ताह से नगर के लोगों को कम मात्रा में मिल रहे पेयजल की समस्या का हल हुआ है। इससे क्षेत्र में विकट स्थिति बनी थी। जन स्वास्थ्य विभाग के टैंकों में नहरी पानी समाप्त हो गया और बोरवेलों के माध्यम से नगर में आपूर्ति पूरी नही हो पा रही थी।

मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी आया और स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आया। शुक्रवार को जन स्वास्थ्य विभाग व सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मिल कर समस्या पर पार पा लिया और चंदाना हैड से नहर में 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जो करीब देर सायं तक कलायत में पहुंचा।
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32वें दिन हैड से छोड़ा जाता है नहर में पानी : प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 अप्रैल को नहर में पानी बंद हुआ था। सामान्य रोस्टर अनुसार अब 31 मई को नहर मेंं पानी आना है। इस मायने से 32वें दिन नहर में पानी छोड़ा जाएगा। इस समय अवधि मेंं जन स्वास्थ्य विभाग ने अपने भंडारण में जो पानी जमा किया था वह समाप्त हो गया। भीषण गर्मी में नगर में पीने के पानी की विकट समस्या पैदा हो गई। कुछ दशकों से कलायत में नहरी पानी का इस्तेमाल पेयजल के रूप में भी होता है, लेकिन 164 वर्ष पुरानी इस नहर को आज भी 32 दिन बंद रखा जाता है। जबकि केवल एक सप्ताह पानी आता है।

कलायत इलाका नहरी पेयजल योजना पर आधारित है। सिरसा ब्रांच नहर से ही संपूर्ण इलाके के जल घरों में पानी पहुंचता है। मांग के अनुरूप नहर में पानी न आने के कारण पेयजल किल्लत से लोगों को जूझना पड़ता है।

पेयजल को लेकर मांगी थी विशेष अनुमति : इंद्राज पंवार

जन स्वास्थ्य विभाग एसडीओ इंद्राज पंवार ने बताया कि विषम संकट को देखते हुए पत्राचार कर सिंचाई विभाग से पेयजल संकट से निपटने के लिए विशेष अनुमति छोड़ने की मांगी थी। इस पर सिंचाई विभाग ने रिपोर्ट अपने शीर्ष अधिकारियों को भिजवाई।

ये है जन स्वास्थ्य विभाग की पेयजल भंडारण व्यवस्था

कलायत मेंं जन स्वास्थ्य विभाग के पास जल भंडारण के लिए 4 टैंक हैं। इनमेंं दो टैंक ढाई एकड़ में, एक पांच एकड़ और एक साढ़े तीन एकड़ में है। विभाग द्वारा सुबह चार बजे से रात्रि 10 बजे तक तीन बूस्टरों के माध्यम से घरों मेंं पानी पहुंचाने के लिए रोस्टर तैयार किया गया है। कलायत क्षेत्र के जल घरों में नहरी पानी समाप्त होने की स्थिति में विकल्प के तौर पर बोरवेल से भूमिगत पानी को पीने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नहरी पेयजल योजना परिसर मेंं विभाग के पास दो बोर हैं। इन्हेंं 24 घंटे निरंतर चलाने पर महज सात घंटे की पानी की सप्लाई दी जा सकती है।
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200 से 300 क्यूसेक पानी को निरंतर चलाने की मांग

सिरसा ब्रांच नहर का हैड जिला करनाल के इंद्री में है। यह पश्चिमी यमुना से निकलती हुई हिसार जिला तक जाती है। इस पर खेतों के साथ-साथ आम जन की प्यास बुझाने का जिम्मा है। नहर पर निर्भर रहने वाला इलाका इसमें काफी समय से पानी की क्षमता व दिन बढ़ाने की मांग करता आया है। साथ पेयजल सप्लाई के मद्देनजर इसमेंं निरंतर 200 से 300 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना जरूरी है। लोगों की मांग है कि सिरसा ब्रांच नहर में लगातार छोड़ा जाए ताकि कलायत उपमंडल में पीने के पानी की समस्या न आए।

टैंकों में शुरू हो गया पानी पहुंचना

सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रदीप कुमार ने कहा कि 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो कलायत जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकों में पहुंचना शुरू हो गया है।
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