संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। गांव खरक पांडवा में आर्य समाज के तत्वावधान में एक जन-जागृति कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आचार्य धर्मपाल कालीरमण की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसमें समाज सुधार और आर्य समाज की 150 वर्षों से अधिक पुरानी विरासत पर जोर दिया गया।
आचार्य धर्मपाल कालीरमण ने कहा कि आर्य समाज आज भी अंधविश्वास, नशे और जीव हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में वेदों को जीवन का आधार मानकर आर्य समाज की स्थापना की। संगठन का मूल उद्देश्य वेदों के प्रचार-प्रसार के माध्यम से समाज को जागरूक बनाना है।
आचार्य ने कहा कि मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और कर्मकांड जैसी परंपराओं के पाखंडों का खंडन करना आर्य समाज का प्रमुख सिद्धांत रहा है। आज भी आर्य समाज के गुरुकुलों और शाखाओं में वेदों पर आधारित प्रवचन आयोजित होते हैं, जो हजारों लोगों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से धार्मिकता की ओर आकर्षित कर रहे हैं। कार्यक्रम में कुलदीप शास्त्री, सुरेश छोकर, सरपंच प्रतिनिधि सुरेश कुमार, खेल कमेटी प्रधान अशोक संधू, उपप्रधान सुरेंदर ठेकेदार, सचिव गुरनाम सहारण, अशोक कुमार उपस्थित रहे।