जिले के गांव कुराड़, दुब्बल, सिणद व हरिपुरा गांव के ग्रामीणों को विभाग की ओर से सुबह और शाम दो बसें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा दिन में कोई बस सेवा नहीं होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। वहीं प्राइवेट वाहन चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं। इसके अलावा उन्हें शहर जाने के लिए वाहनों का काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीण सेवा सिंह, महाबीर, संदीप, मनोज, पाला राम, नरेश, व रामफल का कहना है कि इन चारों गांव से रोजाना सैकड़ों ग्रामीण शहर में कामकाज, दुकान पर काम धंधा करने के लिए आते हैं। सुबह की बस निकल जाने के बाद दिन में कोई बस की सुविधा नहीं उपलब्ध है। घंटों इंतजार के बाद कोई निजी वाहन मिलता है, तो वह अपनी मनमर्जी का किराया वसूलते हैं। निजी वाहन चालक बसों की कमी का फायदा उठाकर 30 रुपये से भी ज्यादा किराया वसूलते हैं। इसलिए रोडवेज विभाग की ओर से दिन में भी बसों का संचालन करना चाहिए। ताकि गांव से शहर तक ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
जानकारी के मुताबिक चारों गांव के दो हजार के करीब विद्यार्थी भी शहर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने के लिए आते हैं। सुबह बस में भीड़ होने के कारण छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यार्थी राहुल, रवि, सुनील, सुनीता, रीना, सुकेश, शकुंतला, सीमा, निशा, पूजा का कहना है कि सुबह आठ बजे के करीब बस आती है। इसके बाद शाम को पांच बजे के करीब बस है। शैक्षणिक संस्थानों की छुट्टी लगभग दो बजे हो जाती है। तब तक उन्हें बस स्टैंड पर बस का इंतजार करना पड़ता है। सुबह बस में कई बार अधिक भीड़ होने के कारण छात्राएं चढ़ नहीं पाती है। इससे वे समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पातीं। इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। युवाओं ने मांग की कि विभाग को कम से कम दो बसों का संचालन करना चाहिए। रोडवेज के जीएम अजय गर्ग ने बताया कि अगले महीने तक नई बसें आने की संभावना है। जल्द यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसों को भेजा जाएगा। यात्रियों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।