संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रशासन की ओर से आयोजित समाधान शिविरों में जनसमस्याओं के त्वरित निपटारे के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में अधिकांश फरियादियों को केवल आश्वासनों से ही संतोष करना पड़ रहा है। ज्यादातर फरियादियों को यह कहकर टाल दिया गया कि अगले शिविर में पूरे दस्तावेज लेकर आएं, तब समस्या का समाधान किया जाएगा।
लघु सचिवालय में वीरवार को आयोजित समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों और बुजुर्गों ने अपनी पीड़ा अधिकारियों के सामने रखी। शिविर में राशन कार्ड कटने और वृद्धावस्था पेंशन रुकने से जुड़े मामले सबसे अधिक सामने आए। शिविर की शुरुआत में अधिकारियों ने शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को समाधान के निर्देश दिए, लेकिन कई फरियादियों का आरोप रहा कि वे महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें समाधान नहीं आश्वास मिला। सरकारी तकनीकी खामियों और पोर्टल से जुड़ी दिक्कतों के चलते पात्र लोग भी पेंशन बहाली और राशन कार्ड सुधार के लिए भटकने को मजबूर हैं।
इस अवसर पर एसपी उपासना, एडीसी सुशील कुमार, जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, आरटीए गिरीश कुमार, एचएसवीपी के ईओ वकील अहमद, सीटीएम गुरविंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष आदि मौजूद रहे।
फरियादी बोले
चंदलाना निवासी मनप्रीत शर्मा ने बताया कि उनका राशन कार्ड कट चुका है। वे दो से तीन बार दफ्तरों के चक्कर लगा चुके हैं। परिवार पहचान पत्र में आय अधिक दर्शाए जाने के कारण राशन कार्ड काट दिया गया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि अगले समाधान शिविर में दस्तावेज लेकर आने पर समस्या का समाधान हो जाएगा।
गांव नैना निवासी सुमन ने बताया कि फैमिली आईडी में परिवार पहचान पत्र नंबर दर्ज न होने के कारण उनका राशन कार्ड कट गया है। राशन कार्ड कटने से परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि फैमिली आईडी का नंबर दोबारा बनवाने के बाद ही राशन कार्ड की समस्या का समाधान संभव होगा।
समाधान शिविर में प्राप्त जन शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए। सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लें और उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। शिकायतों के समाधान की अद्यतन रिपोर्ट समाधान प्रकोष्ठ के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। समाधान शिविर में आई किसी भी शिकायत को बिना निवारण के न छोड़ा जाए। -उपायुक्त अपराजिता