संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। विधायक विकास सहारण ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर कलायत क्षेत्र के किसानों के साथ जानबूझकर अन्याय करने का आरोप लगाया है। सोमवार को कलायत में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक ने कहा कि इस समय खेतों में बिजाई का दौर चल रहा है, लेकिन नहरों और माइनरों में पानी न होने से किसान बुरी तरह परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में उठाए गए प्रश्नों के उत्तर में मंत्री ने कलायत हलके की कपिल मुनि माइनर, बात्ता माइनर और सिरसा पैरलल माइनर की रिमॉडलिंग का आश्वासन दिया था। इनकी मरम्मत के बाद ही अंतिम छोर तक पानी पहुंचना था, लेकिन सरकार ने आज तक इनकी मरम्मत तक नहीं करवाई।
चेतावनी दी कि यदि आगामी एक सप्ताह में कलायत के किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार पूरा पानी नहीं मिला, तो वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे और किसान को उसके हक का पानी दिलवाकर रहेंगे। विधायक ने कहा कि अधिकारियों से बार-बार संपर्क किया जा रहा है, लेकिन जवाब मिलता है कि पहले हिसार का पानी पूरा किया जाएगा। जबकि वहां कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की यह सोची-समझी साजिश है, ताकि खेती को घाटे का सौदा बनाकर किसानों को मजबूर किया जाए और पूरा कृषि क्षेत्र कारपोरेट के हवाले किया जा सके।
विधायक विकास सहारण ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भगवान परशुराम सामुदायिक केंद्र, खरक गांव से अनाज मंडी तक सड़क निर्माण, और महाराणा प्रताप लड़कों के कॉलेज जैसे लंबित विकास कार्यों का मुद्दा भी उठाया था। इन योजनाओं के लिए बजट जारी हो चुका है, लेकिन सरकार ने कार्य शुरू नहीं करवाए।
उन्होंने कहा कि भाजपा का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा कलायत में पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। जब से भाजपा की सरकार बनी है, हलके में विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी।