कैथल। पंचदिवसीय आर्य युवा वैदिक चेतना एवं योग शिविर के चौथे दिन विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत अग्निहोत्र यज्ञ से हुई। इसमें योग-संस्कारों को अपनाने पर जोर दिया गया।
अग्निहोत्र यज्ञ से वातावरण में शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने पीटी, योग और कराटे प्रशिक्षण के माध्यम से शारीरिक व्यायाम किया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को शारीरिक रूप से सशक्त बनाना रहा।
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सृजनात्मक गतिविधियों के तहत कक्ष सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी कला और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जसविंदर आर्य और महेंद्र आर्य ने विद्यार्थियों को स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन और विचारों से अवगत कराया।
उन्होंने वेदों की ओर लौटने तथा सत्य और ज्ञान के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। सत्र में चरित्र निर्माण के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को ईमानदारी, अनुशासन और अच्छे संस्कार अपनाने की प्रेरणा दी गई, ताकि वे एक आदर्श नागरिक बन सकें।