बेलर एसोसिएशन के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। मांगों का ज्ञापन डीसी के माध्यम से सीएम के नाम सौंपा। एसोसिएशन के सदस्य काजल सिंह, शिशपाल, जसवंत सिंह, जयनारायण, गुरपाल, वीरेंद्र यादव, राजकुमार, सुनील चीका, अमित कुलतारण, सोनू कुलतारण, रघबीर, रामतिलक, मलकीत, नरेश, शिला, नसीब, खजान सिंह व जसवंत सिंह ने कहा कि हरियाणा फसल अवशेष प्रबंधन एवं कस्टम हायरिंग सेंटर में आ रही समस्याओं का समाधान कराने बारे कई बार प्रशासन मिल चुके है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पराली की बेल का उचित मूल्य नहीं मिलता है। इससे ट्रैक्टरों का तेल खर्च भी नहीं निकलता है। समय पर फैक्ट्रियों द्वारा भुगतान नहीं किया गया है। नमी के नाम पर ज्यादा कटौती की जाती है। पराली की बेल का रेट कम से कम 230 रुपये प्रति क्विंटल करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार फसल अवशेष प्रबंधन का लगभग पांच लाख एकड़ खाली जगह पर प्रबंधन कर सकती है। इसमें बेलर की अहम भूमिका होगी।
पिछले सीजन के अंदर जब 135 रुपये प्रति क्विंटल का रेट मिला था, तब मालिकों को चार से पांच लाख प्रति बेलर लॉस हुआ था। अब का रेट जो है वह 160 रुपये प्रति क्विंटल है। जो लागत मूल्य से पांच प्रतिशत अभी भी कम है। इसलिए बेलर चलाने में असमर्थ हैं। हरियाणा सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं कर पाती तो हमें अपने बेलर मजबूरन बेचने पड़ेंगे। इससे पहले बेलर संचालक कुरुक्षेत्र के डीसी के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंप चुके है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक प्रदेशभर के जिलों में बेलर संगठन के सदस्य प्रदर्शन करेंगे।