कैथल। ई-टेंडरिंग से नाराज सरपंचों ने बुधवार को जाट शिक्षा समिति के कार्यक्रम में पहुंचे उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का विरोध किया। सरपंच काले झंडे दिखाने के लिए जाट कॉलेज के गेट तक पहुंच गए पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और राजौंद पुलिस थाने में ले जाकर छोड़ा। इस दौरान सरपंचों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जाट स्कूल शिक्षा समिति के वार्षिकोत्सव में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला बच्चों को सम्मानित करने के लिए पहुंचे थे। दोपहर करीब 12 बजे जब दुष्यंत कार्यक्रम में पहुंच गए तो पहले से हनुमान वाटिका में एकत्रित सरपंच भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के साथ मिलकर विरोध करने के लिए करनाल रोड से होते हुए जाट संस्था के गेट तक पहुंच गए। वहां तैनात पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
कई सरपंच जाट कॉलेज के सामने ही बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सरपंचों के आंदोलन का समर्थन भाकियू चढ़ूूनी ग्रुप के जिलाध्यक्ष महाबीर चहल नरड़ व प्रदेश के युवा उपप्रधान नरेंद्र माघो माजरी व किसानों ने भी किया। उन्होंने सरपंच एसोसिएशन की मांगों की हिमायत की। अधिकारियों ने सरपंचों को समझाने का प्रयास किया। सरपंच जब गेट के अंदर बैठ गए तो पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें घसीटकर बस में बैठाया और लगभग 50 सरपंचों को हिरासत में लिया। सरपंचों को राजौंद में बनाई गई अस्थाई जेल में ले गए। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
सरपंच एसोसिएशन कैथल के ब्लॉक प्रधान व गांव मानस के सरपंच कर्मबीर भाल, गांव नरड़ के सरपंच प्रतिनिधि सतीश धीमान, भाकियू जिलाध्यक्ष महाबीर चहल नरड़, नरेंद्र माघो माजरी ने कहा कि आंदोलन करने के बाद भी सरकार मांगें नहीं मान रही है। जब तक सरकार ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकॉल वापस नहीं लेती तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर वे अपने गांवों में विकास कार्य नहीं करा सकते तो फिर चौधर किस काम ही है।
ई-टेंडरिंग के माध्यम से विकास कार्यों में गुणवत्ता नहीं रहती। ठेकेदार अपनी मनमर्जी से आधा-अधूरा काम करके चले जाते हैें। इसके कई उदाहरण गांवों में देखने को मिल रहे हैं। सरकार सरपंचों को प्रदर्शन के लिए उकसा रही है। सरपंच गांवों के विकास के लिए यह मांग कर रहे हैं। सरपंचों के पास ई-टेंडरिंग नीति के कारण गली-नाली का निर्माण करने का भी अधिकार नहीं है। इस अवसर पर नरेंद्र कुमार, जगदीश, नरेश कुमार, मंजीत, जसबीर, अजमेर सिंह, तरसेम सिंह, सतपाल सिंह, जगतार सिंह, महिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
ई-टेंडरिंग के विरोध में करनाल रोड पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्श?- फोटो : Kaithal