ढांड। अनाज मंडी एसोसिएशन ढांड की बैठक प्रधान सलिंद्र शर्मा की अध्यक्षता में नई अनाज मंडी स्थित उनके प्रतिष्ठान पर हुई। इसमें आढ़तियों ने एफसीआई के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया। मंडी प्रधान सलिंद्र शर्मा ने बताया कि आढ़तियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि भविष्य में एफसीआई का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा।
बैठक में एफसीआई के खिलाफआढ़तियों को उनकी आढ़त नहीं दिए जाने का मुद्दा छाया रहा। इसके बारे में आढ़तियों ने अपने-अपने विचार रखे। मंडी प्रधान सलिंद्र शर्मा ने कहा कि एफसीआई के साथ धान व गेहूं की खरीद से संबंधित किसी प्रकार का कार्य साझा नहीं किया जाएगा। धान के सीजन में राज्य की सरकारी खरीद एजेंसियों को ही धान बेचने का निर्णय लिया गया है। प्रधान ने कहा कि सोलु माजरा स्थित अदानी साइलो का आगामी गेहूं के सीजन में गेहूं नहीं बेची जाएगी। बल्कि मंडी में बारदाना लेकर ही गेहूं की तुलाई करने के का निर्णय लिया गया है।
ये है मामला- प्रधान ने बताया कि अप्रैल 2023 में खरीद एजेंसी एफसीआई ने ढांड मंडी एसोसिएशन को विश्वास में लेकर आढ़तियों के मार्फत गेहूं की खरीद की थी। गेहूं की खरीद करने के बाद जब आढ़तियों ने आढ़त से संबंधित बिल बनाकर एफसीआई कार्यालय में जमा करवा दिए तो काफी दिनों तक उनकी आढ़त का भुगतान नहीं किया।
मंडी एसोसिएशन ने जब एफसीआई अधिकारियों से आढ़त में दिए जाने की बात कही तो उन्होंने टालमटोल का रवैया अपनाया। इससे आढ़तियों में एफसीआई के प्रति रोष पनपता गया। बात यहां तक पहुंच गई कि एफसीआई अधिकारियों ने मंडी एसोसिएशन को आढ़त दिए जाने से मौखिक तौर पर इंकार कर दिया।
मंडी प्रधान का कहना है कि काम के बदले मेहनतनामा उनका अधिकार है। एफसीआई के विश्वासघात की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि अगर मंडी एसोसिएशन को कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा तो पीछे नही हटेंगे।
इस अवसर पर पूर्व मंडी प्रधान रमेश पबनावा, जंगशेर, लाजपत, रणधीर भल्ला, डा. राजेश वशिष्ठ, रामकुमार शर्मा, मास्टर ईश्वर शर्मा, लाला देशराज, नसीब सिंह, जोगिंद्र, बलराज शर्मा, अमित कुमार, कर्मबीर, रवि शर्मा, रामकुमार, ओमप्रकाश, पाला जडौला व शीशपाल मौजूद रहे।