संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आर्थिक अपराध शाखा ने यूरोप भेजने का झांसा देकर आर्मेनिया भेज लाखों रुपये ठगी करने के मामले में आरोपी एजेंट गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी पीएसआई संदीप कुमार की टीम ने जांच करते हुए जिला जींद के तेली खेड़ा गांव निवासी आरोपी चंद्रशेखर को उसके गांव से काबू कर लिया है।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि पाई निवासी सत्यवान की शिकायत अनुसार उसका बेटा राजीव यूरोप में जाना चाहता था। सिसमौर निवासी प्रदीप कुमार व गुरमीत ने उसके साथ आईटीआई की थी। एक दिन प्रदीप ने बताया कि वह आर्मेनिया होते हुए यूरोप वर्क वीजा पर जाएगा। प्रदीप ने कहा कि आप अपने बेटे राजीव को भी यूरोप भेजना चाहते हैं तो मेरे पिता कुरड़िया से बता कर लो। उसने कुरड़िया से बात की तो उसने राजपाल से मिलवाया।
राजपाल ने चंद्रशेखर से मिलवाया। आरोपियों ने कहा कि वे आईटीआई पास लड़कों को विदेशों में काम दिलवाते हैं। बेटे को आर्मेनिया से होते हुए यूरोप भेजने के नाम पर आठ लाख रुपये बाद में व एक लाख रुपये टिकटों के मांगे। यह भी कहा कि जब तक राजीव यूरोप नहीं पहुंचा जाता उसका आर्मेनिया का कार्ड बनवा देंगे।
एजेंट ने झांसा दिया कि वह, उसका भाई व कंपनी का वर्कर राजीव को सीधा कंपनी में लेकर जाएंगे। वह 60-70 हजार रुपये महीने के कमाएगा और रहने व खाने का खर्च कंपनी का होगा। अगस्त 2023 में राजीव को मेडिकल के लिए दिल्ली बुलाया। विदेश भेजने के नाम पर 13 सितंबर 2023 को राजीव को दिल्ली एयरपोर्ट पर बुलाया।
सुरक्षा चाक चौबंद होने की कह कर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया और वीजा भी नहीं दिखाया। 16 सितंबर को राजीव दुबई पहुंच गया। वादे के मुताबिक एजेंट बेटे को नहीं मिला, जिस कारण उसने सड़क पर सोकर रात बिताई। इसके बाद राजीव दुबई से आर्मेनिया पहुंचा। वहां कई दिन भूखा रहा और घर से खर्च मंगवाकर गुजारा किया। जब आरोपियों ने बेटे को यूरोप नहीं भेजा तो 50 दिन बाद उसे वापस लौटना पड़ा।
आरोपियों ने बेटे को विदेश भेजने के नाम पर उससे नौ लाख रुपये ठग लिए। जिस बारे थाना तितरम में मामला दर्ज किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी के कब्जे से 40 हजार रुपये व एक फोन बरामद किया गया है। व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का अदालत से दो दिन पुलिस रिमांड हासिल किया है।