कलायत विधानसभा के तितरम मोड़ पर केबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा से मुलाकात करते राधेश्याम प्रजापति
कलायत। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सर्कल कैथल के खिलाफ कथित करोड़ों के भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। कलायत के कपिल मुनि मंदिर परिसर में 11 दिन तक समाजसेवी राधेश्याम प्रजापति के किए गए आमरण अनशन को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया है।
प्रजापति की शिकायत पर तीन मुख्य इंजीनियरों की कमेटी गठित की गई है। राधेश्याम ने विभाग में कथित करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार और जिला मुख्यालय पर वाटर पार्क की अवैध ओपनिंग का मुद्दा उठाया था। अनशन के चलते मामला स्थानीय स्तर से उठकर सरकार तक पहुंच गया जिसके बाद उच्च स्तर पर संज्ञान लिया गया। गठित जांच कमेटी में हेड ऑफिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इसमें चीफ इंजीनियर (मैकेनिकल) राजीव बातिश को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। जबकि चीफ इंजीनियर (प्रोजेक्ट) शैलेंद्र सिंह और चीफ इंजीनियर (मॉनिटरिंग) राजेश बंसल को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह कमेटी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
राधेश्याम प्रजापति ने बताया कि कैथल दौरे के दौरान तितरम मोड़ पर काला ढाबा पर आयोजित जलपान कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा से मुलाकात हुई। इस दौरान सिंहमार खाप से अनिल बात्ता, सतीश रोहतक, प्रभु गोहना और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। संवाद
कलायत विधानसभा के तितरम मोड़ पर केबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा से मुलाकात करते राधेश्याम प्रजापति