कलायत। श्री कपिल मुनि मंदिर में चैत्र माह की पूर्णिमा पर आयोजित मासिक मेला धूमधाम और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध गौतम ने श्रद्धालुओं को पूर्णिमा के महत्व और इससे मिलने वाले धार्मिक फल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कथा वाचन के दौरान उन्होंने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा का अपना विशेष महत्व होता है, लेकिन चैत्र माह की पूर्णिमा का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि पूर्णिमा का व्रत संपूर्ण व्रत माना जाता है और इसे विधि-विधान से रखने पर अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन व्रत रखकर अन्न और वस्त्र का दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि आती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पुजारी गौतम ने यह भी बताया कि पूर्णिमा के दिन कथा सुनने का विशेष महत्व है, लेकिन पौराणिक तीर्थ में स्नान करने का महत्व उससे भी कई गुना अधिक माना गया है। मेले के दौरान मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संवाद