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Kaithal News: रविदास जयंती में गईं 75 बसें, यात्रियों को परेशानी

Sun, 01 Feb 2026 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। कुरुक्षेत्र के उमरी में आयोजित गुरु रविदास जयंती राज्य स्तरीय समारोह के लिए शनिवार को कैथल रोडवेज डिपो से 75 सरकारी बसें भेजी गईं। इससे शनिवार सुबह रूटों पर बसें नजर नहीं आईं। गांवों में रात्रि ठहराव वाली अधिकांश बसें सुबह बस अड्डे पर नहीं पहुंचीं। यात्रियों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा।

सुबह सात बजे से ही बस अड्डे पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दिनभर यात्री बसों के लिए इधर-उधर भटकते रहे और पूछताछ कक्ष पर जानकारी लेते नजर आए। यात्रियों ने बस अड्डा पर बसें न मिलने को लेकर रोष जताया।
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लंबे रूटों सहित लोकल रूटों की बसें समारोह में भेजी गईं। बूथों पर बसों के इंतजार में यात्रियों को घंटों खड़ा रहना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों ने उपलब्ध बसों को रूटों पर लगाया, लेकिन कमी के कारण यात्री समय पर गंतव्य नहीं पहुंच सके। निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ा, जहां चालकों ने मनमाने किराए वसूले।

बस अड्डे पर निजी बस चालक व परिचालक सवारियां बुलाते दिखे। जीपों में यात्रियों की आपाधापी रही, खिड़कियों पर लटककर सफर करना पड़ा। महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। पुलिस टीम ने बस अड्डे पर गश्त की।

एक घंटा से इंतजार कर रहा

करीब पौने दो बजे बस अड्डे पर पहुंचे रामेश्वर ने बताया कि उन्हें जींद जाना था। एक घंटा से बस नहीं आ रही है। अब वह वापस घर लौट रहा हूं। सरकार अपने कार्यक्रमों में सरकारी बसों का इस्तेमाल कर रही है। रूटों पर यात्रियों की परेशानी कोई नहीं देख रहा है। जब चाहे बसों को रैलियों में ले जाती है। सरकार कार्यक्रमों केलिए निजी वाहनों का प्रबंध करना चाहिए।

30 मिनट से नहीं आई बस

करीब एक बजकर 20 मिनट पर बस अड्डा पर पहुंचे यात्री गौरव ने बताया कि उसे कुरुक्षेत्र काम से जाना था। 30 मिनट से कोई कुरुक्षेत्र की बस नहीं आई है। बस के इंतजार में खड़ा होना पड़ रहा है। सरकार मात्र अपने दिखावा के लिए बसों को सरकारी कार्यक्रमों में प्रयोग कर रही है। इससे लोग सहन नहीं करेंगे। निजी वाहनों का सरकार को प्रबंध करना चाहिए।
इन रूटों पर रही

सबसे ज्यादा दिक्कत



दिल्ली, चंडीगढ़, हिसार, हांसी, सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, कुरुक्षेत्र, जींद, नरवाना, पूंडरी, करनाल, राजौंद, चढ़ा, असंध, गुहला चीका। यात्रियों में आपाधापी रही। सीटें न मिलने पर खिड़की पर खड़े होकर सफर किया। महिलाओं ने बैग सिर पर लादे इंतजार किया।
कड़ाके की ठंड के बीच किया इंतजार

शनिवार को सुबह अचानक बढ़ी ठंड के बीच बस यात्रियों को इंतजार करना भारी पड़ गया। तमाम लोग बसों का इंतजार करते दिखे। किसी को मायूसी के साथ बस अड्डों से बैरंग लौटना पड़ा तो किसी ने बसें न मिलने पर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कड़ाके की ठंड में महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग दिन भर बसों के लिए भटकते रहे।

गौरतलब है कि कैथल डिपो से 103 बसें मांगी गई थीं, लेकिन केवल 75 भेजी गईं। डिपो में कुल 169 बसें हैं, जिनमें से 30 वर्कशॉप में मरम्मताधीन हैं। रूटों पर मात्र 64 बसें चल सकीं। बसें शनिवार देर शाम लौट आईं और रवाना हुईं। निजी चालकों ने इस मौके पर खूब कमाई की।
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कैथल से 75 बसें गुरु रविदास जयंती राज्य स्तरीय उमरी कार्यक्रम में गई है। इसके बाद रूटों पर यात्रियों को दिक्कत नहीं आने दी गई। यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसों को रूटों पर भेजा गया। - विपुल कुमार, यातायात प्रबंधक, रोडवेज कैथल
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