संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आगामी 19 जनवरी को होने वाले हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) के चुनाव के लिए प्रशासनिक तैयारी जोरों पर हैं। इसके तहत जिला प्रशासन की ओर से एक बार ईवीएम मशीनों का रेंडमाइजेशन भी करवाया जा चुका हैं।
गौरतलब है कि कैथल जिले में तीन वार्ड बनाए गए हैं। इसमें कांगथली, गुहला और कैथल शामिल हैं। इन तीनों वार्डों में प्रशासन की ओर से 35 बूथ बनाएं गए हैं। इसमें गुहला वार्ड नंबर 20 में सात बूथ बनाए गए हैं, जिनको 13 बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट अलॉट की गई। कांगथली वार्ड नंबर 21 के लिए 12 बूथ बनाए गए हैं, जिनको 20 बैलेट यूनिट व कंट्रोल यूनिट अलॉट की गई है। कैथल वार्ड नंबर 22 के लिए 16 बूथ बनाए गए हैं, जिनको 25 बैलेट यूनिट व कंट्रोल यूनिट अलाॅट की गई हैं।
अब जिला प्रशासन की ओर से 15 जनवरी को सुबह 10 बजे आरकेएसडी कॉलेज के हॉल में पोलिंग पार्टियों को मास्टर ट्रेनरों की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रचार है जोरों पर ः इस समय कमेटी के चुनाव को लेकर उम्मीदवार एडी चोटी का जोर लगाने में जुटे हुए हैं। प्रत्याशियों ने डोर टू डोर जाकर मतदाताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अस्तित्व में आने के बाद पहले अध्यक्ष रहे जगदीश सिंह झिंडा गुट का दावा है कि उन्होंने सभी वार्डों से अपने उम्मीदवार उतारे हैं। दीदार सिंह नलवी गुट के 31 प्रत्याशी सीधे तौर पर चुनाव मैदान में उतारे हैं
जबकि नौ वार्डों में समझौते में चुनाव लड़ रहे हैं।
बलजीत सिंह दादूवाल गुट की के 30 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। जबकि 10 सीटों पर समझौते में चुनाव मैदान में है।
14 जुलाई 2014 को हुआ था अलग कमेटी का गठन
पंजाब से अलग होकर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन 14 जुलाई 2014 को हुआ था। एचएसजीपीसी के गठन में जगदीश सिंह झिंडा, दीदार सिंह नलवी व बलजीत सिंह दादूवाल ने अहम भूमिका निभाई थी जबकि कई अन्य नेताओं ने भी अलग कमेटी के लिए संघर्ष किया था। अलग कमेटी के गठन के बाद जगदीश सिंह झिंडा पहले अध्यक्ष बनाए गए थे।
प्रशासन के आदेशों के तहत बुधवार को 15 जनवरी को सुबह 10 बजे आरकेएसडी कॉलेज के हॉल में पोलिंग पार्टियों को मास्टर ट्रेनरों की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा।। इसके बाद आगामी 19 जनवरी को मतदान होगा और शाम के समय मतगणना कराई जाएगी। -अजय कुमार, एसडीएम, कैथल