जिले में स्थित 1270 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 195 केंद्रों में प्ले स्कूल शुरू कर दिए गए हैं। यह हरियाणा सरकार द्वारा बच्चों का सर्वांगीण विकास करने को लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल चलाने की योजना बनाई गई है। परिजनों द्वारा बच्चों को प्ले स्कूल में भेजने के चलन को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल बनाया गया है ताकि कम उम्र में ही बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। इन प्ले स्कूलों में कोई फीस नहीं ली जाएगी।
डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे इन प्ले स्कूलों में प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास करने के लिए तरह-तरह की गतिविधियां करवाने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। सरकार की इस योजना का परिजनों ने बड़ा स्वागत करते हुए बड़ी उत्साह से अपने बच्चों को प्ले स्कूलों में भेज रहे हैं।
नवंबर तक सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्ले स्कूल में हो जाएंगे तब्दील
डीसी ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल नवंबर माह तक प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में बदलने की घोषणा की हुई है। इन प्ले स्कूल को अच्छी तरह से चलाने के लिए विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनिंग दी गई है ताकि प्ले स्कूल में आने वाले बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।
प्ले स्कूल में दी जा रही है बच्चों को नए इनोवेशन से सीख
कैथल के खुराना रोड पर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बने प्ले स्कूल की प्रभारी सुमन सिरोही ने कहा कि प्ले स्कूल में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां करवाई जाती हैं। बच्चों को तरह-तरह की कहानियां, कविताओं के माध्यम से ज्ञान वर्धक बातें सिखाई जाती है। प्ले स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाता है तथा समय-समय पर बच्चों का कद और वजन मापा जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई पेट के कीड़ों की गोलियां और आयरन की ड्रॉप पिलाए जाते हैं। बच्चों को खेलने के साथ-साथ बुनियादी और नैतिक मूल्यों पर आधारित बातें भी सिखाई जाती है।