कै सपना तेरा जिकर करुं मैं, आधी रात शिखर तै ढलगी, मेरे जी ने चाला होग्या, से मोहा मन
जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न
फोटो नंबर-02
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सीसीआरटी की ओर से जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला शनिवार को संपन्न हुई। कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही ने मुख्यातिथि के रुप में शिरकत की। मंच संचालन अध्यापक सुशील कुमार ने किया। समापन अवसर पर कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों ने सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
इस मौके पर लोक कलाकार अनिल भारती ने पंडित मांगे राम द्वारा रचित खांडे रावपरी राजा वीर विक्रमजीत का गीत प्रस्तुत किया। गीत के दौरान उन्होंने रागिनी कै सपना तेरा जिकर करुं मैं, आधी रात शिखर तै ढलगी, मेरे जी ने चाला होग्या, से सभी का मन मोहा। इस अवसर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विभिन्न कलाओं के माध्यम से हम अपनी संस्कृति को जानते हैं और एक संस्कृति को जानना एक पूरे देश को जानना है। जो व्यक्ति या अध्यापक अपनी संस्कृति की पहचान कर लेता है। उसके लिए शिक्षा से जुड़ाव बहुत सरल हो जाता है। डॉ. प्रदुम्न भल्ला ने सीसीआरटी की ओर से मुख्य अतिथि एवं सभी प्रतिभागी अध्यापकों व विद्यालय प्राचार्य पवन का आभार व्यक्त किया। विश्वजीत सिंह ने प्रतिभागी अध्यापकों के साथ राष्ट्रीय एकता के गीतों का अभ्यास भी किया। अध्यापिका सुमिता, विक्रम, विकी, संजय राणा एवं अन्य कई अध्यापक प्रतिभागियों ने अपने-अपने विचार विभिन्न कलाओं के माध्यम से व्यक्त किए। इस तीन दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से अध्यापकों ने बहुत सी नई बातें सीखी और मुख्य अतिथि को आश्वासन दिया कि वे इन कलाओं के माध्यम से बच्चों को संस्कृति से जोडने का प्रयास अपने विद्यालय में करेंगे। इस अवसर पर प्राचार्य विमला सिरोही, संगीत विशेषज्ञ विश्वजीत सिंह ,अरुण कुमार, पवन शर्मा, गुलाब सिंह मौजूद रहे।