संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में दो कोऑपरेटिव सोसायटी में लगे 11 कर्मचारियों की भर्ती फर्जी मिलने के बाद कोर्ट के आदेशों पर इन्हें नौकरी से हटा दिया गया है। इसमें कुराड पैक्स के छह और पाडला पैक्स के पांच कर्मचारी शामिल है। इनकी भर्तियों को रद्द करने के लिए डिप्टी रजिस्ट्रार कुरुक्षेत्र व सहायक डिप्टी रजिस्ट्रार कैथल की कोर्ट में केस चल रहा था। अब कोर्ट का निर्णय आने के बाद इन कर्मियों को हटाया गया है।
मामले में आरोप है कि रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हरियाणा ने 12 अगस्त 2013 को कार्यालय से पत्र जारी कर प्रदेश के सभी उप रजिस्ट्रार को उनके अधीन सहकारी समितियों (पैक्स) में नई नियुक्ति व भर्ती न करने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद जिले की कई सहकारी समितियां में विभागीय नियमों को दरकिनार करते हुए गलत तरीके से अपने निजी लोगों की भर्ती की गई है।
गौरतलब है कि गांव पाडला निवासी नरेश ने अपने गांव की कोऑपरेटिव सोसायटी में फर्जी भर्ती की शिकायत विभाग को दी थी। उसने बताया था कि उसके गांव की कोऑपरेटिव सोसायटी में 10 युवकों को फर्जी तरीके से भर्ती किया गया था।
कमेटी में शामिल एक पदाधिकारी ने अपने साले व दामाद को नौकरी पर लगाया जबकि नियम के अनुसार कमेटी सदस्य अपने रिलेशन में किसी को भर्ती नहीं कर सकते। इसके अलावा किसी की खाद-बीज की दुकान है तो उसे भी भर्ती नहीं किया जा सकता, लेकिन पाडला कोऑपरेटिव सोसायटी में भर्ती के समय नियमों को अनदेखा करके नियुक्ति दी गई हैं। भर्ती से पहले समाचार पत्र में विज्ञापन भी नहीं दिया गया। उसने विभाग को शिकायत दी थी।
इस संबंध में कैथल कोऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक रणबीर बेनीवाल ने बताया कि उनके पास जिले के दो पैक्सों की सूचना आई है, जिनमें कुराड में छह और पाडला में पांच कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया है। ये सब सेल्समैन, क्लर्क और चपरासी के पद पर थे।
उन्होंने बताया कि इनके केस डीआरसीएस व एआरसीएस की कोर्ट में चल रहे थे, जहां इनकी भर्ती नियमों के विरुद्ध पाई गई, जिसको उप रजिस्ट्रार व सहायक उप रजिस्ट्रार के फैसले के बाद भर्ती को रद्द कर दिया गया।
यह है भर्ती प्रक्रिया
कैथल को-ऑप्रेटिव सेंट्रल बैंक के महाप्रबंधक रणबीर बेनीवाल ने बताया कि पैक्सों में कर्मचारियों की भर्तियां करने से पहले मैनेजिंग कमेटी द्वारा सहकारी समितियां के एआर व डीआर से भर्ती की अनुमति लेनी होती है। उसके बाद भर्ती का प्रस्ताव पास करके समाचार पत्र में इसका विज्ञापन निकालना होता है। इसके बाद लोगों के आवेदन लिए जाते हैं। जिनकी छंटनी के लिए कमेटी होती है। जिसमें एआर, जीएम और कमेटी के दो सदस्य होते हैं। जो चयनित किए गए कर्मचारियों को भर्ती करने की सिफारिश वापस मैनेजिंग कमेटी को भेजते हैं। इस पूरी प्रक्रिया के बाद पैक्सों में कर्मचारियों की नियमानुसार भर्ती की जाती है।