गुहला-चीका। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि रासायनिक खाद और पेस्टिसाइड के अत्यधिक प्रयोग से स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है, इसलिए किसानों को देसी गाय पर आधारित प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 10 विशेष मंडियां स्थापित करेगी। वह मंगलवार को अगोंध, कसौर, पीडल गांव में आयोजित कार्यक्रमों को लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में 17 मई को अंबाला के शहजादपुर अनाज मंडी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मिजोरम के राज्यपाल वी.के सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। श्याम सिंह राणा ने कहा कि भारत विश्व स्तर पर नई पहचान बना रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है।उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने और अनावश्यक खर्च कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। राज्य सरकार महापुरुषों की जयंती सम्मानपूर्वक मनाकर नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे डीएपी, रासायनिक उर्वरकों और पेस्टिसाइड का कम प्रयोग करें तथा देसी गाय पालन को बढ़ावा दें। सरकार देसी गाय पालन पर 30 हजार रुपये तक का अनुदान भी दे रही है। इस मौके पर महेंद्र सिंह चीमा, राजेश कुमार उर्फ पिंटू, श्याम सिंह राणा, मदन सिंह राणा आदि मौजूद रहे।