जींद। प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले आगामी बजट को लेकर युवा वर्ग में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शिक्षित बेरोजगार, नौकरी की तैयारी कर रहे युवा, एंटरप्रेन्योर और स्वरोजगार की राह पर चलने वाले युवक-युवतियां इस बार सरकार से ठोस घोषणाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
युवाओं का मानना है कि यदि बजट में रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्टार्टअप को प्राथमिकता दी गई तो प्रदेश का भविष्य मजबूत हो सकता है। आज का युवा सिर्फ नौकरी चाहता ही नहीं बल्कि आत्मनिर्भर बनकर रोजगार देने वाला भी बनना चाहता है।
ऐसे में सरकार से अपेक्षा है कि बजट में निजी क्षेत्र को बढ़ावा, उद्योगों को प्रोत्साहन, स्टार्टअप फंड और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जैसे प्रावधान किए जाएं।
युवाओं का कहना है कि प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन पद सीमित हैं। इसलिए सरकार को बजट में सरकारी भर्तियों की संख्या बढ़ाने, परीक्षा प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
वहीं, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को रोजगार से जोड़ना भी समय की जरूरत है। स्वरोजगार और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं की मांग है कि सरकार उन्हें सस्ती दरों पर ऋण, प्रशिक्षण और मार्केटिंग सपोर्ट उपलब्ध कराए।
ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना से पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यदि सरकार बजट में केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करे, तो बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
वर्जन
सरकार को बजट में सरकारी भर्तियों की संख्या बढ़ानी चाहिए। परीक्षाएं समय पर हों और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो ताकि युवाओं का भरोसा बना रहे। इसके अलावा हर युवा के रोजगार के अवसर सरकार को तैयार करने चाहिए। अगर हर युवा को काम मिलेगा तो प्रदेश से बेरोजगारी व अपराध भी पूरी तरह से खत्म होगा।
-शौर्य मलिक।
कौशल विकास योजनाओं को मजबूत किया जाए। इससे पढ़ाई के बाद युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। केवल डिग्री नहीं स्किल पर फोकस जरूरी है। अगर हर युवा स्किल होगा तो प्रदेश के हालात बदले जा सकते हैं। आज युवाओं के पास टेलेंट तो है लेकिन अवसर की कमी होने के कारण बेरोजगारी बढ़ रही है।
-सिदार्थ शर्मा।
टेक्नोलॉजी और आईटी सेक्टर में निवेश बढ़ाया जाए। नए टेक पार्क और स्टार्टअप हब बनने से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। जिले में इस तरह की सुविधाओं के लिए बजट में व्यवस्था की जाए। इससे युवाओं का शिक्षा पर भी विश्वास बढ़ेगा। आज युवा डिग्री लेकर घूम रहे हैं लेकिन काम नहीं मिल पा रहा। -
अकुल गुप्ता।
अगर सरकार प्रदेश से बेरोजगारी हटाना चाहती है तो स्टार्टअप शुरू करने के लिए युवाओं को आसान लोन, कम ब्याज दर और सरकारी गारंटी की व्यवस्था होनी चाहिए। महिलाओं के लिए अलग स्टार्टअप फंड भी बनाया जाए। सरकार की नीतियों के कारण आज युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे।
-सायरा देवी।
गांवों में छोटे उद्योग, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिले। इससे गांव में ही रोजगार मिलेगा और शहरों की ओर पलायन रुकेगा। युवाओं के लिए सरकार की नीतियां सही नहीं होने के कारण आज बेरोजगारी है। अगर सरकार युवाओं के उत्थान के लिए बेहतर नीतियां तैयार करे तो बेरोजगारी को खत्म किया जा सकता है।
-अनुव्रत ढिल्लों
प्राइवेट सेक्टर में युवाओं के लिए न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और स्किल अपग्रेडेशन के प्रावधान बजट में होने चाहिए। सरकार को ऐसा बजट पेश करना चाहिए जो रोजगारपरक, व्यावहारिक और भविष्य उन्मुख हो। शिक्षा को उद्योग से जोड़ना, नई नौकरियां पैदा करना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही प्रदेश के विकास की कुंजी है।
-नंदनी देवी।
28जेएनडी19: अकुल गुप्ता।
28जेएनडी19: अकुल गुप्ता।
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