जींद। अशरफगढ़ गांव निवासी टिंकू की रोहतक पीजीआई में रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। टिंकू को 28 फरवरी को रोहतक पीजीआई में बीमारी के चलते दाखिल किया गया था। वहां से परिजन बिना पोस्टमार्टम करवाए मौत का कारण बीमारी बताकर शव को घर ले आए। शव को गांव में लाने पर परिजनों ने छह माह पहले मौत के मामले में पुलिस के टिंकू को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए।
सतपाल व कर्मबीर शव को सोमवार दोपहर के समय नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए पुलिस को सूचना दी। इस पर परिजनों ने आरोप लगाया कि छह महीने पहले गांव में एक युवक की हत्या हुई थी। जिसकी हत्या हुई थी वह टिंकू का दोस्त था। इस शक में पुलिस ने टिंकू को उठाकर टॉर्चर किया। पुलिस की प्रताड़ना से टिंकू बीमार हो गया था। इसके बाद वह चल-फिर नहीं सका। उसी समय से उसका कई अस्पतालों में इलाज करवाया, लेकिन वह ठीक नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि टिंकू की मौत पुलिस की प्रताड़ना के कारण हुई है।
बीमारी के कारण हुई मौत, पुलिस पर गलत आरोप
अशरफगढ़ गांव निवासी टिंकू की मौत बीमारी के कारण हुई है। टिंकू को 28 फरवरी को रोहतक पीजीआई में बीमार होने पर दाखिल करवाया गया था, लेकिन उनकी तीन मार्च को मौत हो गई। जहां पर मौत का कारण बीमारी बताया गया और परिजन बिना पोस्टमार्टम करवाए शव को घर ले आए थे। अब दोबारा से साजिशन पुलिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। जिसमें मौत के कारणों का पता चलेगा। इसके बाद इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी। -सत्यनारायण सदर थाना प्रभारी जींद।