नरवाना। जिंदगी में आए मुश्किल दौर को हिम्मत और मेहनत से मात देने वाली शहर की पूजा गर्ग आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। एक समय ऐसा था जब सड़क हादसे के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी। रीढ़ की एल-3 और एल-4 हड्डियों में गंभीर चोट लगने के कारण उनका एक पैर लगभग काम करना बंद कर दिया था। डॉक्टरों ने लंबे इलाज की बात कही थी और सामान्य जीवन में लौटना भी मुश्किल लग रहा था।
राहत की उम्मीद में पूजा गर्ग ने दिल्ली, हिसार और चंडीगढ़ के बड़े अस्पतालों में इलाज करवाया लेकिन उन्हें सुधार नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने योग को अपनी ताकत बनाया और नियमित अभ्यास शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी सेहत में सुधार आने लगा।
इसी सोच के साथ उन्होंने नरवाना में पूजा फिटनेस सेंटर की शुरुआत की। यहां रोजाना 25 से 30 महिलाएं योग का अभ्यास करती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वह निशुल्क योग प्रशिक्षण भी देती हैं। कमर दर्द, सर्वाइकल और शरीर के अन्य दर्द से परेशान कई महिलाओं को नियमित योग से राहत मिली है।
योग के साथ पूजा गर्ग सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। अपने एनजीओ के माध्यम से वह नरवाना, उचाना, कैथल, कलायत और उझाना क्षेत्रों में 150 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर चुकी हैं। इन कार्यक्रमों में छात्राओं को गुड टच-बैड टच, मासिक धर्म स्वच्छता और योग के महत्व के बारे में जानकारी दी जाती है। अब तक वह 7 हजार से अधिक बच्चों को जागरूक कर चुकी हैं।
पूजा गर्ग का कहना है कि हर महिला को परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने स्वास्थ्य के लिए भी समय निकालना चाहिए। स्वस्थ शरीर से ही खुशहाल जीवन की शुरुआत होती है।