जींद। श्री सोमनाथ मनसा देवी मंदिर में नवरात्र की छठ पर सोमवार को भव्य मेले का आयोजन किया गया। इससे पहले भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में मां भगवती की पूजा-अर्चना की। मंदिर की प्रबंधक समिति ने मेले को देखते हुए पहले ही पुख्ता इंतजाम कर लिए थे। श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में किसी प्रकार से कोई दिक्कत नहीं आए। इसको ध्यान में रखते हुए आने-जाने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी।
नवरात्र के छठे दिन श्री सोमनाथ मनसा देवी मंदिर में मेला भरता है। यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं।
शक्तिपीठ महाकाली मंदिर रामराये गेट वाल्मीकि चौक पर नवरात्र पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला लगा। इसमें शहर ही नहीं प्रदेश के हजारों भक्तों ने हिस्सा लिया और मां से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की अरदास की। महाकाली मंदिर में हर शनिवार को हजारों की संख्या में भक्तों का आना होता है और हर छठे महीने यहां पर मेले का आयोजन होता है।
मंदिर प्रबंधक कमेटी के महासचिव भारत भूषण टांक ने बताया कि मंदिर में अनेक प्रकार के प्रकल्प चलते हैं, जैसे कि गरीब कन्याओं की शादी करवाना, छोटे बच्चों की ट्यूशन फीस भरना, पढ़ाई के प्रति जागरूक करना शामिल है। हिंदू धर्म के सभी त्योहारों को मंदिर कमेटी यहां बड़े हर्ष उल्लास के साथ हर त्योहार को मनाती है।
सदा सबके लिए खुला है मां का द्वार : पवन
जींद। माता वैष्णवी धाम के आचार्य पवन शर्मा ने कहा कि मां का द्वार सदा सबके लिये खुला रहता है। चाहे कोई आधी रात को आकर मां वैष्णो का द्वार खटखटाए, वे तत्काल उसे अपने हृदय से लगाने को तैयार मिलेंगी। आचार्य पवन शर्मा माता वैष्णवी धाम में आयोजित नवार्ण महायज्ञ में हवन-यज्ञ के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। जींद के विधायक डाॅ. कृष्ण मिड्ढा ने मां के पवित्र चरणों में अपनी पुष्पांजलि अर्पित कर मां से जन-जन के लिए सुख-समृद्धि व मंगल की कामना की।
जयंती देवी मंदिर में मेला आज
जींद। नवरात्र की सप्तमी पर शहर के महाभारत कालीन जयंती देवी मंंदिर में लगने वाले मेले के दौरान श्रद्धालुओं को साबूदाने की खीर, हलवा और छोले का प्रसाद परोसा जाएगा। इसके लिए मंदिर में व्यापक व्यवस्था करते हुए मां भक्तों ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सप्तमी मेले पर जहां दिनभर हवन यज्ञ चलेगा वहीं श्रद्धालु स्वयं व्यवस्था संभालेगें। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन कुमार शास्त्री बताया कि श्रद्धालुओं के लिए सात क्विंटल साबू दाने की खीर, 15 देसी घी के पीपो से तैयार हलवा, एक क्विंटल पंच मेवों का प्रसाद और करीब एक क्विंटल छोले, पांच क्विंटल पेठे की मिठाई का प्रसाद बनवाया गया है। उन्होंने कहा कि सप्तमी मेले पर जींद शहर और आसपास के क्षेत्र से तमाम श्रद्धालुओं की श्रद्धा उमड़ती है। इसलिए मंदिर में व्यवस्था के लिए जहां पुलिस के जवान तैनात रहते है वहीं स्वयंसेवक के तौर पर माता के भगत व्यवस्था संभालते है।