जींद। जिस प्रकार कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद सभी डोज का रिकाॅर्ड ऑनलाइन हो जाता था, अब गर्भवती महिलाओं और बच्चों के नियमित टीकाकरण का रिकाॅर्ड भी ऑनलाइन दर्ज होगा। इससे आधार कार्ड नंबर से ही पता चल जाएगा कि गर्भवती महिला और बच्चे का अब तक कौन-कौन सा टीकाकरण हो चुका है। रिकाॅर्ड ऑनलाइन नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं व बच्चों का पूरी तरह से टीकाकरण नहीं हो पाता था। सोमवार को स्वास्थ्य निदेशालय से आए डॉ. आशीष शर्मा ने स्वास्थ्य अधिकारियों को इसके बारे में प्रशिक्षण दिया। यह पूरा डॉटा अब यू-विन पोर्टल पर अपडेट करना होगा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवनीत सिंह ने बताया कि यू-विन पोर्टल पर अब हर बच्चे और गर्भवती महिला को नियमित रूप से लगने वाले टीकाकरण का रिकाॅर्ड दर्ज करना होगा। इसमें गर्भवती महिला व बच्चे का आधार कार्ड नंबर डालकर सबसे पहले पंजीकरण करना होगा। इसके बाद यूनिवर्सल आईडी उपलब्ध होगा, जिसके आधार पर पूरे देश में कहीं भी टीकाकरण करवाया जा सकता है। इसमें पूरा डाटा उपलब्ध होगा कि बच्चे या गर्भवती महिला ने कौन-सा टीकाकरण कब और कहां करवाया था और अब उसे कौन सा टीकाकरण किया जाना है। इस पोर्टल पर टीकाकरण केंद्रों, वैक्सीनेटर, कहां और कौन सी वैक्सीन उपलब्ध है, इसकी भी जानकारी मिलेगी। सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों को भी यह डाटा उसी समय दर्ज करना होगा।
रिकार्ड गायब होने पर आती थी दिक्कत
एक बच्चे को जन्म से 19 वर्ष तक कई प्रकार की वैक्सीन लगाई जाती हैं। पहली वैक्सीन के समय स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक कार्ड अभिभावकों को दिया जाता था, जिस पर टीकाकरण का रिकार्ड होता था। कई बार यह कार्ड गुम हो जाता था और स्वास्थ्य कर्मचारी अपना रिकार्ड खंगालने की जहमत नहीं उठाते थे। इस कारण बच्चे का सही समय पर और पूरा टीकाकरण नहीं हो पाता था। अब ऑनलाइन रिकार्ड होने पर हमेशा रिकार्ड को कहीं भी पूरे देश में देखा जा सकेगा।
वैक्सीनेशन का रिकार्ड ऑनलाइन होने से गर्भवती और बच्चों का टीकाकरण सही समय पर हो सकेगा। इसमें रिकाॅर्ड संभाल कर रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल आधार कार्ड से ही बच्चे व गर्भवती महिला की डिटेल पूरे देश में कहीं भी देखी जा सकेगी। इससे स्वास्थ्य विभाग और आने वाले लोगों को भी आसानी रहेगी।
-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन