12जेएनडी37: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय की वर्कशॉप के बाद अतिथियों को सम्मान देते हुए। सीआरएस
जींद। सीआरएसयू की ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल ने कंप्यूटर साइंस व एप्लीकेशन विभाग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और को-पायलट के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया। इसमें साकेत कुमार, राजेश पांचाल व हपेंद्र माइक्रोसॉफ्ट सीनियर कंसल्टेंट्स ने टीम के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
इसमें साकेत कुमार ने कहा कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी सबसे अच्छे मित्र हो सकती है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केवल अपने सहयोग के लिए इस्तेमाल करते हैं। वहीं उसका सदुपयोग कर रहे हैं। यदि हम हर कार्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करेंगे तो यह न केवल हमारे बौद्धिक विकास को कम करेगा, अपितु यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग होगा। राजेश पंचाल ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट में या अन्य बड़े संस्थानों में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए विद्यार्थियों को अपने अपने पाठ्यक्रम के साथ-साथ स्पेशलाइजेशन के कोर्स भी करने चाहिए। उन्होंने सीआरएसयू के विद्यार्थियों को माइक्रोसॉफ्ट के माध्यम से मुफ्त कोर्स का उपहार भी दिया। हपेंद्र कुमार ने बताया कि आज के समय में कॉरपोरेट सेक्टर में डिग्री के साथ-साथ दक्षता, सकारात्मक सोच एवं उन्नत दिशा में सोच रखने वाले व्यक्तियों को ही स्थान दिया जाता है। यदि कोई विद्यार्थी किसी बहुत बड़े संस्थान से पास है, परंतु उसमें कार्य दक्षता नहीं है या वह उन्नत सोच नहीं रखता तो वह ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाता है। विद्यार्थियों को अपना चैट बोट, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर बनाने के बारे में जानकारी दी। कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि बड़े-बड़े संस्थानों में कॉर्पोरेट व प्रोफेसर मिलकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में लगे रहते हैं। इससे वहां प्लेसमेंट ज्यादा रहती है। इस दिशा में सीआरएसयू भी कदम उठा रहा है।