संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। निर्माण मजदूर 14 दिसंबर काे कुरुक्षेत्र में मुख्यमत्री के आवास का घेराव करेंगे। इसको लेकर भवन निर्माण कामगार यूनियन सदस्य गांव- गांव जाकर मजदूरों को निमंत्रण दे रहे हैं। शुक्रवार को वह जाजवान, दरियावाला और जलालपुर गांव में मजदूरों से मिले। सीटू जिला अध्यक्ष जोगिंद्र ईगराह और सचिव संदीप जाजवान ने बताया कि संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा के आह्वान पर जींद जिला से हजारों मजदूर इस विरोध में शामिल होंगे।
प्रदर्शन को लेकर जिले में तैयारियां चल रही हैं। राज्यस्तरीय जत्था जींद पहुंचकर कई गांवों में बैठकों के माध्यम से मजदूरों को अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान कर चुका है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले बीजेपी सरकार ने मजदूरों को लुभाने के लिए ई-स्कूटी, साईकिल, औजार सहायता व महिला सम्मान राशि जैसी सुविधाएं दीं लेकिन सत्ता में आते ही भ्रष्टाचार का हवाला देकर श्रम कल्याण बोर्ड का पोर्टल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया।पांच महीनों से पंजीकरण, कन्यादान, मातृत्व-पितृत्व लाभ, छात्रवृत्ति और मृत्यु सहायता जैसी सुविधाएं ठप पड़ी हैं।
केंद्र की बीजेपी सरकार ने गत 21 नवंबर को चार मजदूर-विरोधी लेबर कोड लागू करके 29 पुराने श्रम कानूनों को रद्द कर दिया है जिससे मजदूर पूंजीपतियों के गुलाम बनने की स्थिति में पहुंच गए हैं। अब इन लेबर कोड्स के आने से निर्माण मजदूरों पर और अधिक अत्याचार होंगे। छह हजार करोड़ रुपये का कल्याण कोष खर्च नहीं किया जा रहा। नेताओं ने चेतावनी दी कि अब मजदूर चुप नहीं बैठेंगे और 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर अपनी मांगें मनवाकर रहेंगे।