संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। इस बार 20 अक्तूबर को मनाए जाने वाले करवाचौथ को लेकर महिलाओं ने तैयारी शुरू कर दी है। करवाचौथ मनाने के लिए जरूरी सामान की खरीदारी के लिए बाजार में महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। पंचांग के अनुसार करवाचौथ कृतिका नक्षत्र में मनाया जाएगा।
बाजार में करवाचौथ को लेकर अलग-अलग वैरायटी के लहंगा, सूट, साड़ी समेत अन्य कई तरह की चीजें महिलाओं के लिए उपलब्ध हैं। दुकानों पर रंग-बिरंगी चूड़ियों की भरमार है। मेहंदी लगाने से लेकर साड़ी, चूड़ी, कॉस्मेटिक आइटम और ज्वेलरी की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ जुट रही है। कारोबारियों के अनुसार सामान्य से अब बाजार में 40 प्रतिशत अधिक बिक्री बढ़ गई है। बाजार में कपड़े की दुकानों पर भी एक से बढ़कर महंगे सूट, लहंगा, चुनरी और साड़ियां उपलब्ध हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार दीपावली 1 नवंबर को मनाई जाएगी। दीपावली से जुड़े त्योहार 29 अक्टूबर से शुरू होकर 3 नवंबर तक चलेंगे। 29 अक्टूबर को धनतेरस मनाई जाएगी। 30 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली, इससे पहले 20 अक्तूबर को करवाचौथ मनाया जाएगा।
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस बार करवाचौथ के दिन कृतिका नक्षत्र और व्यातिपात योग बन रहा है। साथ ही विष्टि बव और बालव करण बन रहे हैं। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेगा। करवाचौथ के दिन सुबह ही स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण कर पूजा करने के लिए सभी सामग्रियों को एकत्रित करना चाहिए। फिर घर के मंदिर की दीवारों पर गेरू से फलक बनाकर करवा का चित्र बनाएं। इसके बाद महिलाएं मुहूर्त के अनुसार पूजा स्थान पर अपना स्थान ग्रहण कर लें और करवा माता की कथा सुनें। कथा के बाद सभी बड़ों का आशीर्वाद लें। शाम के समय एक चौकी लगाएं। उस पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं। उस पर पर करवा माता की तस्वीर स्थापित कर दीया जलाएं। एक करवा में चावल भरकर उसे दान के रूप में रख दें। चांद निकलने के बाद उसे अर्घ्य देकर दर्शन करें।
शाम 5: 45 से 7:01 बजे तक पूजन मुर्हूत
करवाचौथ पूजन का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 45 मिनट से शाम 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। करवाचौथ के दिन चांद निकलने का समय शाम 7 बजकर 53 मिनट है। ऐसे में चंद्रमा की पूजा करना और भी लाभकारी माना जाएगा। इससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होगा।