जींद। राष्ट्रीय महिला दिवस पर हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने एडीआर सेंटर में कानूनी साक्षरता शिविर का आयोजन किया।
जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दानिश गुप्ता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताया कि अगर किसी महिला के साथ उनके कानूनी अधिकारों का हनन या कोई घरेलू हिंसा हो रही है तो उसे जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण मुफ्त कानूनी सहायता तथा अधिवक्ता प्रदान करता है, ताकि वह महिला अपने अधिकारों की पैरवी अच्छे ढंग से कर सके। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य प्राधिकरण हर समय समाज के उत्थान एवं अपनी सेवाएं पहुंचाने के लिए तत्पर है। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सामाजिक न्याय और जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पंहुचाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में व्यक्ति अपने झगड़ों को सुलझाने के लिए अपना आवेदन दे सकता है। लोक अदालत में दोनों पक्षों का अपनी सहमति से समाधान करवाया जाता है। लोक अदालतों के माध्यम से होने वाले आपसी समझौतों से न ही किसी पक्ष की हार होती है और न ही किसी की जीत, बल्कि दोनों पक्षों का आपसी भाईचारा कायम रहता है। उन्होंने बताया कि 9 मार्च को सफीदोंं, नरवाना उपमंडल के साथ-साथ जिलास्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
कानूनी साक्षरता शिविर में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से जुड़ी अधिवक्ता नंदनी शर्मा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके अधिकारों व कर्तव्यों से अवगत करवाते हुए बताया कि आज महिलाएं किसी भी कार्य क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। संविधान ने महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिया है।