जींद। प्राइमरी स्कूल में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए एफएलएन यानी आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक के तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाई जा रही है। अब अगली कक्षा में जाने से पहले पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों को निपुण किया जाएगा। वहीं विद्यार्थियों को निपुणता की परीक्षा देनी होगी। अगर कोई विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं होता है तो उसको निपुण विद्यार्थी का दर्जा नहीं दिया जाएगा।
इसके लिए नए सत्र में पहले तीन महीने में विद्यार्थी को पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम को दोबारा करवाया जाएगा। प्रदेश स्तर पर शिक्षा निदेशालय ने नई योजना को शुरू कर दिया है। इसके लिए इस बार परीक्षाओं के दौरान स्कूल मुखिया को हरियाणा मिशन के तहत प्राइमरी कक्षा के निपुण विद्यार्थियों की संख्या दर्शानी होगी, ताकि बच्चों की निपुणता के बारे में पता चल सके। वहीं ऐसे बच्चों की संख्या भी निर्धारित होगी, जिन्हें उपचारात्मक कक्षाएं की जरूरत हैं। उन्हें यह उपलब्ध करवाई जाएंगी। विभाग की ओर से सभी प्राइमरी स्कूल मुखियाओं को पत्र जारी कर निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पत्र में इस प्रकार दिए गए है निर्देश
शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि वह अपने-अपने स्कूल में एफएलएन विद्यार्थियों की संख्या को दर्शाएं। विभाग की ओर से ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि नए सत्र में अगली कक्षा में प्रवेश करने से पहले विद्यार्थियों की कमियों को दूर किया जा सके। इसके लिए पहली से तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को एफएलएन के तहत उपचारात्मक कक्षा देकर निपुण बनाया जाएगा।
जिले के सभी राजकीय स्कूलों में बाल वाटिका से लेकर कक्षा तीन तक एफ एलएन के तहत पढ़ाई करवाई जा रही है। स्कूल शिक्षकों को आदेश दिए गए हैं कि प्रत्येक छात्र को उसकी दक्षता के आधार पर निपुण छात्र का दर्जा दिया जाना है, ताकि अगली कक्षा में जाने से पहले ही पढ़ाई में निपुण किया जा सके। यदि जरूरत पढ़ती है तो ऐसे विद्यार्थियों को उपचारात्मक कक्षाएं भी दी जाएंगी। -राजेश वशिष्ठ एफ एलएन जिला कोऑर्डिनेटर।