आढ़तियों की हड़ताल खत्म होने की सूचना मिलने पर वीरवार को एक साथ सैकड़ों किसान गेहूं बेचने के लिए मंडी पहुंच गए। इस पर मंडी में सुबह 10 बजे तक 100 से ज्यादा गेहूं को मंडी में उतार दिया। इसके बाद मार्केट कमेटी ने मंडी के गेट पर पुलिस और कमेटी के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर गेहूं लाने के लिए भेजे गए संदेश की जांच करना शुरू कर दिया। मार्केट कमेटी के बिना बुलाए आने वाले किसानों को लौटा दिया गया। इस दौरान 100 से ज्यादा किसानों को लौटना पड़ा।
हड़ताल खत्म होने पर मार्केट कमेटी ने जिले की अनाज मंडियों में 200 किसानों को फोन कर बुलाया। लेकिन आढ़तियों की हड़ताल खत्म होने की जानकारी मिलने के बाद बिना बुलाए ही 100 किसान गेहूं लेकर मंडी में पहुंच गए। इनकी जांच करने के बाद मार्केट कमेटी ने बिना बुलाए गए किसानों को लौटा दिया, ताकि नियमानुसार और अपने नंबर पर ही किसान गेहूं बेच सके। लौटाए गए किसान सरकार को कोसते हुए लौट गए।
जिले की मंडियों में हुई 18 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि जिले की सभी मंडियों में वीरवार तक 18 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। जींद की अनाज मंडी में 5430 क्विंटल, उचाना की अनाज मंडी में 5795 क्विंटल, नरवाना की अनाज मंडी में 3240 क्विंटल, सफीदों की अनाज मंडी में 1645 क्विंटल, जुलाना की अनाज मंडी में 245 क्विंटल, पिल्लूखेड़ा की अनाज मंडी में 1510 क्विंटल, अलेवा की अनाज मंडी में 140 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।
दोपहर एक बजे तक चलती रही आढ़तियों की बैठक
मंडी में जिन किसानों को गेहूं बेचने के लिए बुलाया गया था। वह सुबह से ही मंडी आने लगे थे। इसके बाद दोपहर तक बहुत से किसानों ने मंडी में गेहूं उतार दिया, मगर उनको तौल के लिए इंतजार करना पड़ा। इस दौरान गेहूं खरीद को लेकर आढ़तियों की बैठक चलती रही। एक बजे जाकर गेहूं की तौल का काम शुरू हुआ।
मंडी में व्यवस्था बनाने के लिए दो गेटों पर लगाया ताला
अनाज मंडी में व्यवस्था बनाने के लिए दो गेटों पर सुबह से ही ताला लगा दिया गया था। इसके बाद मार्केट कमेटी के साथ लगने वाले मुख्य गेट को खोलकर यहां पर पुलिस और मार्केट कमेटी के सदस्यों को गेहूं लेकर आने वाले किसानों की जांच करवाई। जिन किसानों के पास गेट पास था उन्हें ही मंडी में आने दिया गया। 100 से ज्यादा किसानों को गेट पास नहीं होने पर लौटा दिया गया।
मनरेगा मजदूरों को बुलाकर नहीं दिया काम
मंगलवार को फोन कर बीड़ वाली ढाणी से मंडी में 35 मनरेगा मजदूरों को बुलाया गया था। यह मजदूर सुबह ही मंडी में पहुंच गए, लेकिन एक बजे तक उनको काम नहीं दिया गया। काम की मांग को लेकर यह मजदूर कई घंटे तक मंडी में कभी अधिकारियों के पास तो कभी ठेकेदार के पास घूमते रहे।
मंडी में किसानों को नहीं होने दी जाएगी परेशानी
अनाज मंडी में जिन किसानों को फोन कर एक दिन पहले सूचना दी जाएगी केवल उन्हीं का गेहूं खरीदा जाएगा। बिना बुलाए आने वाले किसानों को लौटा दिया जाएगा। बुधवार को 200 किसानों को बुलाया गया था। सभी किसानों को समय से गेट पास दिए गए और गेहूं को सुचारु रूप से खरीदा गया।
संजीव कुमार, मार्केट कमेटी सचिव।
बिना बुलाए आने वाले किसानों को वापस भेजते हुए।- फोटो : Jind
मंडी में गेहूं लेकर आए किसान से मैसेज मिलने की सूचना लेते मार्केट कमेटी सचिव।- फोटो : Jind