फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेहूं का उत्पादन कम उचाना मंडी में पहूंचा 29 प्रतिशत कम गेहूं

विज्ञापन
विज्ञापन
उचाना। अप्रैल को बीतने में अभी आठ दिन बाकी हैं लेकिन गेहूं का काम पूरा हो चला है। इस बार प्रति एकड़ गेहूं का उत्पादन कम होने का असर मंडी में गेहूं की आवक पर नजर आ रहा है। निजी खरीददारों ने कई वर्ष बाद निजी तौर पर गेहूं की खरीद की है। स्थिति यह है कि बीते साल की अपेक्षा इस बार 21 अप्रैल तक 29 प्रतिशत गेहूं की कम आवक हुई है।
विज्ञापन

मार्केट कमेटी में दर्ज रिकार्ड के अनुसार इस साल 6 लाख 96 हजार 805 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। बीते साल 9 लाख 87 हजार 956 क्विंटल की खरीद हुई थी। बीते साल की अपेक्षा इस साल 29.47 प्रतिशत गेहूं की आवक कम हुई है। हैफेड ने मंडी में 2 लाख 21 हजार 883 क्विंटल, खाद्य आपूर्ति विभाग ने 36058, एचडब्ल्यूसी ने 60510 क्विंटल गेहूं की खरीद की है। प्राइवेट खरीददारों ने 1 लाख 87 हजार 705 क्विंटल गेहूं की खरीद की है। घोघड़िया में 66433, छातर सब यार्ड में 80673, काब्रच्छा में 45543 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है।
राजनीति दलों और किसान संगठनों ने की बोनस की मांग
इस बार प्रति एकड़ गेहूं का उत्पादन कम होने पर राजनीति पार्टियों के नेताओं, किसान संगठनों ने सरकार से प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस देने की मांग की। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश डाहोला, इनेलो के सत्ता डूमरखां, आम आदमी पार्टी के एडवोकेट मनोज श्योकंद, किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि इस बार प्रति एकड़ गेहूं का उत्पादन कम होने से किसान को कम से कम प्रति एकड़ 10 हजार रुपये का नुकसान है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस दे ताकि जो नुकसान किसान को हुआ है उसकी कुछ हद तक भरपाई हो सके। किसान को इस बार समय पर खाद न मिलने से गेहूं का उत्पादन प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें