दुकान से प्राप्त किए गए वन्य जीवों के अंग।
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जींद। उचाना स्थित एक पंसारी की दुकान में वीरवार को वन्य जीवों के अंग बरामद होने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी आरोपी दुकानदार को दो दिन के रिमांड पर लिया है। उसने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि उसने एक सपेरे से वन्य जीवों के अंग लिये हैं। अब पुलिस सपेरे की तलाश कर रही है।
एएसपी कुलदीप के नेतृत्व में बुधवार रात को सफीदों और वीरवार शाम पुलिस व वन्य जीव संरक्षण की टीम ने वन्य जीव के अंगों की तस्करी के मामले में उचाना में पंसारी की दुकान पर छापा मारकर वन्य जीवों के अंग बरामद किये थे। मामले में दुकान संचालक उचाना मंडी निवासी गौरव मित्तल को गिरफ्तार किया था। जांच अधिकारी पीएसआई करमजीत सिंह ने बताया कि मनवीर सिंह निरीक्षक वन्य जीव संरक्षण विभाग जिला जींद की शिकायत पर आरोपी उचाना में एक पंसारी की दुकान पर छापा मारा गया। जहां पर दुकान संचालक उचाना मंडी निवासी गौरव मित्तल को वन्य जीवों के अंगों का व्यापार करते पाया गया। इस दौरान पंसारी की दुकान से हाथ मॉनिटर लिजार्ड (गोह) के चार नग व सेही कांटा के 30 नग बरामद किए थे। पुलिस ने आरोपी गौरव को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ्तार करके कुरुक्षेत्र स्पेशल एनवायरनमेंट कोर्ट में पेश करके दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ की जाएगी की। वह इन अंगों को कहां से लेकर आता था। हालांकि आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि उसने यह अंग एक सपेरे से लिए हैं। पुलिस आरोपी सपेरे की तलाश कर रही है।
किसी भी पंसारी की दुकान पर वन्य जीवों के अंगों के प्राप्त होने से साफ है कि वन्य जीवों के अंगों की तस्करी की जा रही है। इसके कारण वन्य जीवों की कुछ प्रजातियां लुप्त हो रही हैं। ऐसे में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की ओर से इस गैर कानूनी व्यापार पर अंकुश लगना होगा ताकि पर्यावरण संतुलन बना रह सके।-कुलदीप सिंह एएसपी।