जींद। गेहूं की फसल पककर तैयार होने वाली है। दो से तीन दिन में कटाई भी शुरू होने का अनुमान है, लेकिन इस दौरान होने वाले अग्निकांड की घटना से बचाने के लिए जिले में अग्निशमन विभाग के पास पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। इसके चलते जिले के ढाई लाख एकड़ में तैयार हुई गेहूं की फसल को अग्निकांड से बचाने में समस्या आ सकती है। जिले में अग्निशमन विभाग के पास के 19 गाड़ियां हैं। इनके भरोसे ही ढाई लाख एकड़ में पककर तैयार हो रही गेहूं की फसल को बचाने की तैयारी है।
अग्निशमन विभाग के पास केवल गाड़ियां ही नहीं, बल्कि स्टॉफ की भी कमी है। एक शिफ्ट में 96 कर्मचारियों की जरूरत होती है लेकिन विभाग के पास तीन शिफ्ट के लिए 112 कर्मचारी हैं। कर्मचारियों की संख्या कम होने की वजह से अब गेहूं के सीजन में अग्निशमन विभाग कर्मियों की छुट्टी को रद्द करने के साथ ड्यूटी टाइम भी बढ़ाने के लिए मजबूर होगा, ताकि गेहूं के सीजने में होने वाले अग्निकांड को रोक सके। इसके अलावा विभाग के पास पिल्लूखेड़ा, उझाना व अलेवा खंड में आग पर नियंत्रण पाने के लिए कोई गाड़ी नहीं है। इन तीनों खंडों में लगभग एक लाख एकड़ भूमि पर गेहूं की खेती की गई है। इन खंडों में आग लगने की घटना होने पर जिला मुख्यालय या फिर दूसरे खंडों से गाड़ी बुलानी पड़ेगी। इन गाड़ियों को वहां पहुंचने में अधिक समय लगेगा। ऐसे में जब तक गाड़ियां आएंगी तब तक फसल को काफी नुकसान हो चुका होगा।
अग्निशमन विभाग के पास गाड़ियों की संख्या
स्थान
संख्या
जिला मुख्यालय
5
जींद अनाज मंडी
2
जुलाना
1
सफीदों
3
उचाना
3
नरवाना नेहरू पार्क
3
नरवाना मेला मंडी
2
पिल्लूखेड़ा
0
अलेवा
0
उझाना
0
आग लगने की घटना को रोकने के लिए विभाग पूरी तरह से सतर्क है। सभी गाड़ियों पर कर्मचारियों को तैनात किया गया है। जिस खंड में गाड़ियां नहीं है वहां पर दूसरे खंड या फिर मुख्यालय से गाड़ी मंगवाई जाएगी। विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। -सुखबीर यादव, जिला अग्निशमन अधिकारी, जींद।