हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) का नाम आते ही लोगों के दिमाग में तमाम सुख सुविधाओं से लैस रिहायसी क्षेत्र का दृश्य बनने लगता है, लेकिन जींद में ऐसा नहीं है। यहां तमाम कर देने के बावजूद लोग गांवों से भी बदतर सुविधाओं के बीच जीने को मजबूर हैं। अब तक अर्बन एस्टेट की पहचान ही टूटी सड़कें बन गई हैं। यहां पर होने वाले विकास कार्य नगर परिषद और हुडा के बीच फंसा है।
हुडा प्रशासन कहता है कि सड़कों के विकास का काम सरकार ने नगर परिषद को दे दिया है, नगर परिषद के अधिकारी कहते हैं कि हुडा से विकास की राशि नहीं मिल रही है। शहर के पॉश रिहायसी क्षेत्र हुडा में करीब पांच हजार मकानों में 20 हजार लोग रहते हैं। लोग शहर की कॉलोनियों और गांवों से तमाम सुख सुविधाओं के लिए महंगे क्षेत्र में रहने के लिए आए, लेकिन अब लोगों की जिंदगी नारकीय हो गई है। यहां लोगों अच्छी सड़कें तक नहीं मिल रही हैं। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति रोष है। अर्बन एस्टेट निवासियों का कहना है कि टूटी सड़कों की वजह से महंगी गाड़ियां भी जल्दी टूट रही हैं। वहीं बुजुर्गों का पैदल चलना भी मुहाल हो गया है।
ठेेकेदार से मिलीभगत का आरोप
इन लोगों ने कहा कि हालांकि सड़कों को बने अधिक समय नहीं हुआ है, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण सड़कें अधिक नहीं टिक पाती हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारी ठेकेदार से मिलकर खराब गुणवत्ता की सड़कों को पास करते हैं, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
नहीं हो रही संभाल
अर्बन एस्टेट की सड़कों की कोई संभाल प्रशासन नहीं कर रहा है। इसको लेकर हुडा अधिकारियों के पास भी गए हैं, लेकिन हुडा अधिकारी सड़क निर्माण का काम नगर परिषद का होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लेते हैं।- वेदप्रकाश बैनिवाल
चोटिल हो चुके हैं लोग
सड़कों के बीच बने गड्ढों के कारण काफी परेशानी होती है। वाहनों के टायर से पत्थर उछलकर कई बार लोगों को लग चुके हैं। जिससे लोग घायल हो चुके हैं। अब तो लोग बाहर बैठना भी बंद कर चुके हैं। टूटी हुई सड़कों से दिन भर धूल उड़ती रहती है। -राममेहर खर्ब
नगर परिषद करवाए विकास
अर्बन एस्टेट की सड़कों के विकास का काम सरकार ने नगर परिषद को दे दिया है। अब सभी विकास कार्य नगर परिषद को ही करवाने हैं। हुडा के पास इसका काम नहीं है। -विनोद कुमार, एसडीओ, हुडा
नहीं मिली राशि
सड़कें बनवाने के लिए हुडा को 75 प्रतिशत राशि नगर परिषद को देनी होती है, लेकिन यह राशि नहीं मिली है। इसके बाद ही नगर परिषद यहां विकास कार्य करवा सकता है। अभी हुडा की ओर से मामला लटका है। -डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगरपरिषद।