12जेएनडी01 : ग्रामीणों काे पंपलेट देकर जागरुक करते हुए। स्रोत स्वास्थ्यकर्मी
जींद। ढांडा खेड़ी गांव में सुशील शर्मा व सुनीता कुमारी एमपीएचडब्ल्यू की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। ग्रामीणों को टीबी से बचाव, मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम व स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं के बारे में जानकारी दी।
टीबी से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने बताया कि टीबी किसी भी आयु वर्ग में हो सकती है और यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक कीटाणु से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो फेफड़ों को प्रभावित करता है। संभावित मरीजों में दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, छाती में दर्द, भूख न लगना, वजन कम होना व बलगम में खून आना प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत बलगम की जांच करवानी चाहिए।
सुशील शर्मा ने बताया कि टीबी मरीजों को इलाज की अवधि में पोषाहार भत्ता भी दिया जाता है। मरीजों को संतुलित आहार लेने, नियमित दवा का सेवन करने, धूम्रपान व शराब से दूर रहने व खांसते समय मुंह ढकने की सलाह दी गई ताकि संक्रमण को रोका जा सके। कार्यक्रम के दौरान हवासिंह, पंकज, कृष्ण, नवीन, जगमेल और जगदीश मौजूद रहे।