अलेवा। शाहपुर गांव के ग्रामीणों ने गांव के पशु अस्पताल के स्टाफ को नए भवन में नियुक्त करने की मांग को लेकर सोमवार को गांव में दूसरे दिन भी धरना दिया। दूसरे दिन के धरने की अध्यक्षता सूरजभान ने की। धरने को संबोधित करते हुए सूरजभान ने कहा कि गांव में जो राजकीय पशु अस्पताल है, उसमें पशुओं को ले जाने के लिए ग्रामीणों को नेशनल हाइवे करनाल रोड पार करना पड़ता है।
नेशनल हाइवे को पार करने के दौरान कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस परेशानी से उभरने के लिए ग्रामीणों ने करीब 40 लाख रुपये चंदा एकत्रित कर तालाब के पास पड़ी भूमि पर पशु अस्पताल के लिए नया भवन तैयार किया था। इसके लिए प्रस्ताव पास करके यह भवन सरकार को सौंपने का काम किया गया। लेकिन विभाग ने नए भवन में स्टाफ की नियुक्ति नहीं की। इसके कारण ग्रामीणों को मजबूरीवश नेशनल हाइवे पार करके पशु अस्पताल में जाना पड़ रहा है। यदि भविष्य में कोई अन्य घटना घटी तो इसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा और फिर ग्रामीण किसी तरह का आंदोलन छेड़ने पर मजबूर होंगे।