हरियाणा के जींद के जुलाना कस्बे में गोत्र विवाद को लेकर ग्रामीणों द्वारा हुक्का-पानी बंद करने की शिकायत लेकर कमाचखेड़ा गांव के कुछ लोग डीसी कार्यालय पहुंचे। डीसी के नहीं मिलने पर ग्रामीण एसडीएम डॉ. वेद प्रकाश से मिले और सुरक्षा की मांग की और सामाजिक बहिष्कार करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। एसडीएम ने मामले की जांच करने व सुरक्षा देने का आश्वासन दिया।
कमाचखेड़ा गांव की चौपाल में हुई पंचायत में कहा गया कि रितु की दादी चहल होने के कारण यह रिश्ते में चहलों की पोती लगी। पंचायत ने फैसला सुनाते हुए उनके परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया। तालाब में भैंसों को पानी पिलाना भी उनका बंद कर दिया गया। जो जमीन खेती करने के लिए उन्हें ठेके पर ले रखी है वह भी उनसे छुड़वा ली गई है।
उन्होंने पांच एकड़ जमीन में गाजर की फसल उगा रखी है। वहीं आरओ वाला उनके घर पर पानी के कैंपर रखकर जाता था, वह भी बंद करवा दिए गए हैं। उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। कोई भी ग्रामीण उनका सहयोग नहीं करता है। उनका जीना मुहाल हो गया है।
इसी मामले को लेकर परिवार के लोग डीसी कार्यालय में शनिवार को पहुंचे। डीसी के नहीं मिलने पर ग्रामीण एसडीएम से मिले और सारा मामला बताया। ग्रामीणों ने एसडीएम से सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की और उनका हुक्का पानी बंद करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
गोत्र विवाद को लेकर गांव की चौपाल में चहल गोत्र के लोगों की पंचायत हुई थी। पंचायत में एक परिवार का गोत्र को लेकर हुक्का पानी बंद करने फैसला सुनाया गया था। इस बारे में मुझे सूचना मिली थी। मैं पंचायत में मौजूद नहीं था। - प्रदीप कुमार, निवर्तमान सरपंच कमाचखेड़ा।
गोत्र विवाद को लेकर कमाचखेड़ा गांव के लोग हमसे मिले थे। शिकायत दी है कि कुछ लोगों ने उनका हुक्का पानी बंद कर दिया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. वेदप्रकाश, एसडीएम।