रामकली गांव की पंचायत द्वारा प्रस्ताव देने के बाद आबकारी विभाग ने गांव में शराब ठेका नहीं खोला। इसके बावजूद रविवार को कुछ लोग यहां पर अवैध रूप से शराब की दुकान खोलने पहुंच गए, जिन्हें ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। वहीं इस मामले में रामकली गांव के लोग सोमवार को डीसी डॉ. आदित्य दहिया से मिले और कहा कि उनके गांव में शराब का ठेका नहीं खोला जाए। यदि खुला तो आंदोलन होगा।
डीसी से मिलने पहुंचे गांव के सरपंच सुरेंद्र, राज सिंह, पूर्व सरपंच राजवीर, युवा क्लब के प्रधान महावीर, जोगेंद्र व सुनील ने कहा कि इस बार पंचायत ने आबकारी विभाग को गांव में शराब का ठेका नहीं खोलने के लिए प्रस्ताव दिया था, जिस पर विभाग ने मुहर लगा दी थी। गांव में दो साल से शराब का ठेका नहीं है। इसके बावजूद रविवार को कुछ लोग गांव के बाहर खोखा रखकर उसमें शराब रख दी। मगर ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया। डीसी से मिलने पहुंचे लोगों ने कहा कि दो साल से गांव में शराब का ठेका नहीं खोले जाने का प्रस्ताव ग्राम पंचायत द्वारा दिया गया था। इसके बावजूद कुछ लोग गांव में अवैध रूप से शराब बेचके हैं। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वे किसी भी सूरत में गांव में शराब की बिक्री नहीं होने देंगे। यदि ऐसा हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। साथ ही उन्होेंने शराब बेचने वालों पर कार्रवाई करने की भी मांग की।
शराब माफिया को राजनीतिक संरक्षण का आरोप
ग्रामीणों ने डीसी को दी शिकायत में कहा कि यह लोग राजनीतिक संरक्षण के चलते मनमानी कर रहे हैं। यही कारण है कि अधिकारियों को शिकयत देने के बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि जुलाना विधानसभा क्षेत्र के एक बड़े नेता शराब माफिया का साथ दे रहे हैं।