21जेएनडी09: चिकित्सकों की कमी के चलते पीएचसी में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद
अलेवा। नगूरां पीएचसी पर तैनात दो चिकित्सकों की ड्यूटी में बदलाव करने से मरीजों को परेशानी शुरू हो गई है। इसको लेकर ग्राम पंचायत ने भी मामला सिविल सर्जन के समक्ष उठाया, लेकिन राहत नहीं मिली। इससे ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पीएचसी से बाहर अन्य संस्थानों पर ड्यूटी कर रहे दोनों चिकित्सकों को तुरंत पीएचसी नगूरां पर तैनात किया जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि अगर संबंधित स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों से पीएचसी से बाहर ड्यूटी करानी थी तो फिर नगूरां पीएचसी पर नियुक्ति क्यों दी। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए पीएचसी सीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण करवाकर उनमें चिकित्सकों के साथ-साथ अन्य स्टाफ को नियुक्ति दी है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों पर कार्यरत किसी भी चिकित्सक व अन्य स्टाफ की अन्य संस्थानों पर ड्यूटी न करवाई जाए।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर उपलब्ध करवाने के दावे कर रही है, लेकिन संबंधित स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी सरकार के उन तमाम दावों की पोल खोलते हुए नजर आ रहे हैं। यहां नगूरां पीएचसी से दो चिकित्सकों को अन्य और संस्थान पर भेज ड्यूटी कराई जा रही है। इससे नगूरां गांव के साथ-साथ उसके आसपास गांवों के मरीज व ग्रामीण अपने इलाज और अन्य संबंधित कार्य के लिए धक्के खाने पर मजबूर हो रहे हैं।
ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए जल्द ही सिविल सर्जन से मिल दोनों चिकित्सकों को पीएचसी पर तैनात करने मांग की जाएगी। चिकित्सकों को लेकर पहले भी ग्रामीण और ग्राम पंचायत मिल चुकी है, लेकिन अभी तक उनको वापस पीएचसी पर तैनात नहीं किया गया।
-मोनिका, सरपंच, नगूरां गांव।
चिकित्सकों की कमी के चलते रोटेशन के मुताबिक पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों की सेवाएं अन्य संस्थानों पर ली जा रहीं हैं।
-डॉ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन, जींद।