संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सिंघाना गांव में हरियाणा ग्रामीण विकास के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ग्राम सभा गांव की संसद है। पंचायत की मंत्री परिषद और सरपंच को गांव का प्रधानमंत्री कह सकते हैं। ग्राम स्वराज तभी आएगा जब ग्राम सभाएं सक्रिय, प्रभावी और अधिकतम भागीदारी वाली होगी।
ग्रामीणों ने डॉ. चौहान से पेयजल, सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट, रोजगार एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं एवं आवश्यकताएं खुलकर साझा की व गांव से संबंधित विशेष मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा सरकार की मंशा है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और विकास कार्यों की निगरानी में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि गांव का विकास तभी टिकाऊ होता है जब योजनाएं कागजों में नहीं बल्कि ग्रामीणों की भागीदारी से जमीन पर उतरे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायतों की ओर से तैयार की जाने वाली योजनाओं में गांव के हर वर्ग किसान, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग की आवश्यकताओं को शामिल किया जाना चाहिए।
डॉ. चौहान ने सरपंच एवं पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन को प्राथमिकता दें ताकि गांव सिंघाना को विकास के मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सके। इस अवसर पर सरपंच सतबीर, ग्राम सचिव मंजीत खरब, राजपाल चौहान, नरेश राणा, प्रमोद राणा, अंकुश राणा, योगेंद्र सिंह, सुभाष प्रजापत, कुलदीप राणा, संजीव कुमार एवं अजय मौजूद रहे।