05जेएनडी06-जुलानी गांव में आयोजित बैठक में भाग लेती महिलाए एवं संगठन के सदस्य। स्रोत : संगठन
जींद। एमडीडी ऑफ इंडिया एवं जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की ओर से जिले में बाल विवाह के विरुद्ध तीन जागरूकता बैठकों का आयोजन किया गया। इनमें बाल विवाह से बचाई गई बच्चियों, बाल विवाह की पीड़ित महिलाओं, अधिवक्ताओं तथा विभिन्न विभागों के हितधारकों ने भाग लेकर इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया।
एमडीडी ऑफ इंडिया के जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि सेक्टर-9 जींद और जुलानी गांव में आयोजित बैठकों में दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। अधिकांश महिलाओं की आयु 70 वर्ष से अधिक थी।
उन्होंने बताया कि पहले शिक्षा के अवसरों की कमी, महिला सुरक्षा को लेकर चिंता, गरीबी, जागरूकता का अभाव और सख्त कानून नहीं होने के कारण कम उम्र में विवाह कर दिया जाता था। कई महिलाओं ने कहा कि 16-17 वर्ष की उम्र में वे मां बन चुकी थीं और पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। महिलाओं ने कहा कि यदि उस समय वर्तमान जैसे कानून और जागरूकता अभियान होते तो वे भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकती थीं। वहीं बाल विवाह से बचाई गई बालिकाओं ने कहा कि अब वे पढ़ाई कर अपने भविष्य को संवारने का अवसर पा रही हैं। तीसरी बैठक जिला न्यायालय परिसर में पैनल अधिवक्ता आरपी शर्मा के नेतृत्व में आयोजित हुई।