गांव के एक स्कूल की नौंवी कक्षा की छात्रा को डरा धमकाकर एक माह तक दुराचार करने के दोषी अध्यापक राजेंद्र को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही की अदालत ने शुक्रवार को दस साल की कैद और 26 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि मुख्याध्यापक साधुराम को एक साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जींद के गांव के एक स्कूल की नौवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा ने 16 मई 2013 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 20 अप्रैल को स्कूल का अध्यापक राजेंद्र उसको साइंस लैब में बुलाया और उसके साथ छेड़खानी करने लगा। जब उसने विरोध किया तो उस पर पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद 24 अप्रैल को छात्रा को जबरदस्ती अपनी कार में बैठाकर राजगढ़ ढोबी गांव में बने पोल्ट्री फार्म में ले गया। जहां पर छात्रा के साथ अध्यापक राजेंद्र ने दुराचार किया। इस तरह से मास्टर राजेंद्र छात्रा को डरा-धमकाकर फार्म पर ले जाकर दुराचार करता रहा। हिम्मत कर छात्रा ने अपने परिजनों को पूरे प्रकरण के बारे में बताया। जानकारी होने पर छात्रा की मां स्कूल में मुख्याध्यापक साधुराम से मिली, लेकिन कई दिन बाद भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में ग्रामीणों को पूरे मामले की सूचना दी। पुलिस ने उस समय आरोपी अध्यापक राजेंद्र के खिलाफ डरा धमकाकर दुराचार करने और मुख्याध्यापक साधुराम पर मामले का पता होने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने पर मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था।
पीड़िता को दो लाख रुपये देने के आदेश
अदालत ने अध्यापक राजेंद्र को दस साल की सजा और 26 हजार रुपये अर्थदंड के अलावा पीड़िता को दो लाख रुपये की राशि देने के आदेश दिए हैं। यह राशि दोषी को अदालत में जमा करानी होगी।
एक सप्ताह तक चलता रहा विवाद
स्कूल में तैनात अध्यापक द्वारा नौवीं कक्षा की छात्रा से साथ घिनौनी वारदात को अंजाम देने का पता चलते ही 16 मई को ग्रामीण स्कूल में पहुंच गए थे। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात अध्यापक राजेंद्र और मुख्याध्यापक साधुराम की जमकर धुनाई की दी थी, जबकि स्कूल के अन्य स्टाफ को मौके से भाग दिया था। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप किया था। लगभग एक सप्ताह तक स्कूल के मुख्य गेट पर ग्रामीणों ने ताला जड़े रखा था और स्कूल के स्टाफ की बदलने की मांग तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप करके स्कूल का ताला खुलवाया था।